
पछुआ हवाओं से बढ़ी ठंड रबी फसलों के लिए अनुकूल : डॉ अनूप
दिन और रात के तापमान में काफी अंतर, सुबह-शाम ठंड का असर का असर फोटो- 2 दिसंबर एयूआर 8 कैप्शन- किसान के खेत मे लगी आलू की फसल अंबा संवाद सूत्र। पछुआ हवाओं
पछुआ हवाओं के प्रभाव से जिले में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर दर्ज किया जा रहा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य से अधिक अंतर के कारण सुबह-शाम की ठंड बढ़ गई है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं 3 और 4 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस और 5 से 7 दिसंबर तक 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात में ठंड की तीव्रता बढ़ने से हल्का कोहरा भी छा सकता है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप चौबे का कहना है कि पिछले वर्षों में दिसंबर के अंत में ठंड बढ़ती थी, लेकिन इस बार नवंबर के अंत से ही तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। यह बदलाव रबी फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। बुआई के बाद अंकुरण अच्छा हो रहा है और फसलों की वृद्धि भी अनुकूल दिख रही है। गेहूं, चना, मटर और मसूर की उपज पर इसका सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सुबह-शाम आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम विशेष रूप से संवेदनशील है। शहर में ऊनी कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है और गर्म पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शीतलहर की शुरुआत हो सकती है। किसानों को सिंचाई व खाद प्रबंधन का समय मौसम के अनुसार तय करने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों पर ठंड के प्रभाव को संतुलित किया जा सके।

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