इंटर नामांकन में कटऑफ व अंक का मिलान जरूरी
गलत विकल्प चयन से बढ़ सकती है नामांकन की परेशानी धित संस्थानों के कटऑफ का मिलान करना जरूरी है, अन्यथा नामांकन में परेशानी हो सकती है। यह जानकारी शि

इंटर में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय छात्रों को मैट्रिक में प्राप्त अंक और संबंधित संस्थानों के कटऑफ का मिलान करना जरूरी है, अन्यथा नामांकन में परेशानी हो सकती है। यह जानकारी शिक्षा विशेषज्ञों ने दी। प्रो. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ओएफएसएस पोर्टल के माध्यम से नामांकन कराती है, जिसमें छात्रों को न्यूनतम 10 और अधिकतम 20 संस्थानों के विकल्प चुनने होते हैं। कई छात्र बिना अपने अंक और संस्थानों के कटऑफ को देखे विकल्प भर देते हैं, जिससे उन्हें बाद में दिक्कत होती है। समिति ने भी निर्देश दिया है कि छात्र पहले पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न संस्थानों के कटऑफ को देखें और उसका अपने अंकों से मिलान करें, इसके बाद ही विकल्प का चयन करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ऑप्शन नंबर एक में किसी संस्थान को चुन लेने से वहां नामांकन सुनिश्चित नहीं होता, बल्कि गलत विकल्प भरने पर आगे के विकल्प भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कैफे संचालक कई बार बिना सोचे-समझे विकल्प भर देते हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। ओएफएसएस प्रणाली की जानकारी के अभाव में छात्र एक-दो विकल्प खुद देते हैं और शेष विकल्प कैफे संचालक अपनी सुविधा से कॉपी-पेस्ट कर देते हैं, बिना यह देखे कि संस्थान कहां स्थित है, उसका कटऑफ क्या है और छात्र के अंक कितने हैं। ऐसे में छात्रों को आवेदन भरते समय सावधानी और विवेक से काम लेना चाहिए। वहीं, अंबा के महिला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके संस्थान में कला और विज्ञान संकाय में 384-384 सीटें उपलब्ध हैं। यदि छात्राएं ऑप्शन नंबर एक में महिला महाविद्यालय का चयन करती हैं तो उनके नामांकन की संभावना अधिक है। डीपीओ रवि कुमार रौशन ने कहा कि नामांकन के लिए ऑनलाइन करते समय छात्रों को बोर्ड के द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करना चाहिए।
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