
जमीन ऑनलाइन करने के बदले 20 हजार घूस लेते राजस्व कर्मचारी गिरफ्तार, प्रादेशिक
ओबरा अंचल कार्यालय में निगरानी की टीम ने की छापेमारी, मचा हड़कंप रंगाबाद/ओबरा, हिन्दुस्तान टीम। औरंगाबाद जिले के ओबरा अंचल अंतर्गत सोनहुली पंचायत के राजस्व कर्मचारी प्रमोद
औरंगाबाद जिले के ओबरा अंचल अंतर्गत सोनहुली पंचायत के राजस्व कर्मचारी प्रमोद कुमार को मंगलवार को निगरानी की टीम ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की छह सदस्यीय टीम ने निगरानी डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में ओबरा अंचल कार्यालय स्थित रिकॉर्ड रूम में छापेमारी की। यहां से प्रमोद कुमार को 20 हजार रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में डीएसपी ने बताया कि ओबरा अंचल के मानिकपुर गांव निवासी उदय कुमार ने परिमार्जन प्लस से अपनी भूमि को ऑनलाइन करने के लिए आवेदन किया था। उनकी कुल 75 डिसमिल जमीन थी जिसे उन्होंने ऑनलाइन करने के लिए आवेदन किया था।

इसके बदले उनसे पैसों की मांग की गई थी। शिकायत के आलोक में इसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही मिली। इसके बाद मंगलवार को टीम ने यहां जाल बिछाया। उदय कुमार के द्वारा ओबरा अंचल के रिकॉर्ड रूम में जाकर 20 हजार रुपए कर्मचारी प्रमोद कुमार को दिए गए तो उन्होंने अपने लंच बॉक्स वाले झोले में उसे रखने को कहा। जूट वाली थैली में पैसे रखने के साथ ही टीम ने छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार किया। यहां से दो स्वतंत्र गवाहों के रूप में कंप्यूटर ऑपरेटर मनोज कुमार और पल्लवी सिन्हा को ले जाया गया। टीम ने रिकॉर्ड रूम में ताला मार कर किसी के भी प्रवेश करने पर रोक लगा दी। बताया कि इस मामले में पटना निगरानी थाना में कांड संख्या 60/25 दर्ज किया गया था। निगरानी की टीम छापेमारी के बाद राजस्व कर्मचारी को लेकर औरंगाबाद सर्किट हाउस पहुंची। यहां से पूछ ताछ के बाद टीम उन्हें लेकर पटना के लिए रवाना हो गई। छापेमारी के बाद ओबरा अंचल कार्यालय में हड़कंप पहुंच गया। औरंगाबाद के डीएम श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि संबंधित कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मांगे थे 1.70 लाख रुपए, 20 हजार रुपए दिए ओबरा अंचल के मानिकपुर गांव निवासी उदय कुमार ने ओबरा अंचल के स्तर से भारी गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पूर्व अपने पिता की जमीन को परिमार्जन प्लस करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके लिए कई बार संपर्क किया तो पैसों की मांग की गई। कुल 1.70 लाख रुपए की मांग की गई थी तभी जमीन को ऑनलाइन करने की बात कही गई। राजस्व कर्मचारी प्रमोद कुमार ने उनसे कहा कि 20 हजार उसके लिए हैं जबकि डेढ़ लाख रुपए सीओ के लिए लिया गया है। यह बात उस कर्मचारी ने ही कही थी। उन्होंने इसकी शिकायत निगरानी में की थी जिसके बाद मंगलवार को टीम ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान दिए गए पैसों का मिलान किया गया तो वही रकम पाई गई जो दी गई थी। डाटा ऑपरेटर मनोज कुमार और पल्लवी सिन्हा को स्वतंत्र साक्ष्य के रूप में टीम अपने साथ ले गई है। ओबरा में तीसरी बार हुई निगरानी की कार्रवाई ओबरा प्रखंड मुख्यालय में घूस लेने के मामले को लेकर यह तीसरी बार निगरानी की टीम ने कार्रवाई की गई है। वर्ष 2016 में बीईओ उमाशंकर सिंह को 10 हजार की घूस लेते हुए एक शिक्षक राजीव मिश्रा की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। ओबरा बीसीओ अनिकेश कुमार को भी 35 हजार की घूस लेते हुए पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष गिरीश कुमार के आवेदन पर टीम ने पकड़ा था। इस बार जमीन से संबंधित आवेदन के आलोक में जांच कर कार्रवाई की गई है। भूमि संबंधी सर्वे और ऑनलाइन कार्य शुरू होने के बाद अंचल कार्यालय के स्तर पर शिकायतों की संख्या बढ़ गई है।

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