
औरंगाबाद में स्वतंत्रता सेनानी राजा नारायण सिंह की पुण्यतिथि मनी
औरंगाबाद में कार्यक्रम का किया गया आयोजन, तस्वीर पर हुआ माल्यार्पण उ उ उ उ उ उ उ उ उउ उउ उउ उउ उ उ उ उ उउ उ उ उ उ उ उ उ
जनेश्वर विकास केंद्र एवं जन विकास परिषद के द्वारा औरंगाबाद के अधिवक्ता संघ सभागार में स्वतंत्रता सेनानी राजा नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने की। साहित्यकार डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, ज्योतिषाचार्य शिव नारायण सिंह, शिक्षक संघ के नेता रामभजन सिंह, अध्यक्ष रामजी सिंह, कला कौशल मंच के अध्यक्ष आदित्य श्रीवास्तव आदि इसमें शामिल हुए। अतिथियों ने राजा नारायण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। कवि लव कुश प्रसाद ने अपने काव्य पाठ के माध्यम से राजा नारायण सिंह की कृतियों का स्मरण कराया।
सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी राजा नारायण सिंह की जीवनी से नई पीढ़ी को अवगत कराने की जरूरत है। राजा नारायण सिंह बिहार में अंग्रेजों के प्रथम शत्रु रहे जिन्होंने सैकड़ों अंग्रेजों को सोन नदी में डुबो कर मार दिया था। डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा एवं शिव नारायण सिंह ने बताया कि राजा नारायण सिंह किशोरावस्था से ही एक महान योद्धा थे। कम समय में ही उन्होंने राजगद्दी संभाल कर अंग्रेजों की बिहार में प्रथम लड़ाई को धार दी थी। आदित्य श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार के राजा नारायण सिंह को इतिहास में अंग्रेजों के पहले दुश्मन के रूप में जाना जाता है। राजा नारायण सिंह पवई रियासत के शासक थे और अपनी बहादुरी और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे। संगोष्ठी सभा में अधिवक्ता अनिल सिंह, समाजसेवी तुलसी सिंह, रामचंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से रमेश चौक स्थित पार्क में रखी हुई राजा नारायण सिंह की प्रतिमा को उचित स्थान देकर स्थापित करने के मांग की। इस मौके पर अरुण सिंह, ओम प्रकाश पाठक, प्रमोद सिंह, विनोद कुमार शामिल थे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




