वर्तमान सरकार में अल्पसंख्यक समाज की बदली स्थिति
अल्पसंख्यक संवाद कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियां गिनाई गईं , संवाद सूत्र। रफीगंज प्रखंड के हाजीपुर गोला में सोमवार को अल्पसंख्यक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

रफीगंज प्रखंड के हाजीपुर गोला में सोमवार को अल्पसंख्यक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मो. नियाज अशरफी ने की, जबकि संचालन जदयू के वरिष्ठ नेता एवं जिला बीस सूत्री सदस्य ख्वाजा अतीक रज़्ज़ा ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग, पटना के उपाध्यक्ष मौलाना उमर नूरानी, जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. नईम और जिला महासचिव नजीर मोहम्मद खां उपस्थित थे। कार्यक्रम में उन्हें कार्यकर्ताओं द्वारा माला, अंगवस्त्र और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया। मौलाना उमर नूरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज की शिक्षा और विकास के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक अल्पसंख्यक टोला और गांव में तालीम मरकज स्कूल खोले गए हैं, जहां स्थानीय लोगों को ही शिक्षक के रूप में बहाल किया गया। इसके अलावा नौ हजार पंजीकृत कब्रिस्तानों में से आठ हजार की घेराबंदी, अल्पसंख्यक छात्रावासों का निर्माण, उर्दू अनुवादक के पदों का सृजन और उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रही है। जदयू जिलाध्यक्ष नियाज अशरफी ने कहा कि वर्ष 2005 से अब तक मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समाज के बेटे-बेटियों की शिक्षा, रोजगार और सरकारी नौकरी में समान भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार से भय का माहौल खत्म हुआ है और विकास कार्यों में सड़क, नाली, पुल-पुलिया जैसे कई काम हुए हैं। इस मौके पर समाजसेवी मो. आरिफ, मोहम्मद अब्दुल्ला, मो. शमशाद, मो. सोनू, मो. चंचल, कलाम अंसारी, मो. साहब उपस्थित थे।
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