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सर्दी खांसी बुखार होने पर अवश्य कराएं कोविड-19 जांच

इस बार घातक साबित हो रहा है कोरोना फोटो - 27 अप्रैल एयूआर 12कैप्शन - गेट स्कूल में कोरोना जांच के लिए पहुंचे लोगऔरंगाबाद। हिंदुस्तान प्रतिनिधि कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए घातक साबित हो रही है।...

 सर्दी खांसी बुखार होने पर अवश्य कराएं कोविड-19 जांच
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,औरंगाबादTue, 27 Apr 2021 07:50 PM
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कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए घातक साबित हो रही है। डॉक्टरों ने सर्दी खांसी या बुखार होने की स्थिति में कोविड-19 की जांच अवश्य कराने की अपील की है ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके। कोविड-19 की दूसरी लहर लगातार संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ा रही है। इस संबंध में डा. अभय कुमार ने बताया कि इस बार संक्रमण की दर तेज है। सर्दी खांसी और बुखार होने की स्थिति में भी जांच कराना आवश्यक है। कई बार लोग जांच नहीं करा रहे हैं जिसके कारण उनका महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है। बाद में जब तकलीफ बढ़ रही है तो वे जांच के लिए जा रहे हैं। इलाज शुरू होने में ही सात से 10 दिनों की देरी हो रही है और नतीजा जान पर खतरा हो जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरटीपीसीआर जांच नहीं होने पर एंटीजन जांच अवश्य करा लें ताकि रिपोर्ट आने के बाद उनका सही इलाज हो सके। डॉक्टर से मार्गदर्शन लेने के बाद ही इलाज कराएं। उन्होंने बताया कि इस बार संक्रमित लोगों से बात के क्रम में यह पता चला है कि लंग इन्फेक्शन के केस ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 80 प्रतिशत लोगों में लंग इंफेक्शन का मामला उन्होंने देखा है। एचआरसीटी जांच कराने पर यह बात सामने आई है। पूर्व में ऐसे मामले बेहद कम आ रहे थे लेकिन इस बार लंग इन्फेक्शन के ही मामले ज्यादा हैं। इसके अलावा कई अन्य तरह की बीमारियां होने पर कोरोना का प्रभाव बढ़ जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार कोरोना की चपेट में बुजुर्ग के साथ ही युवा भी आ रहे हैं जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि टीका उपलब्ध होने की स्थिति में लोग अवश्य लें ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके। इसके बाद भी सावधानी बरतनी होगी। डॉ जन्मेजय कुमार ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से बचने की जरूरत है। पूर्व में लोग सामान्य तरीके से ठीक हो जा रहे थे और रिकवरी रेट काफी बेहतर थी। इस बार लंग इन्फेक्शन होने के कारण जान पर खतरा उत्पन्न हो जा रहा है। लोगों को खुद से भी सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा और यह देखना होगा कि पूरे देश में संक्रमण के कारण क्या स्थिति है।

औरंगाबाद जिले में है 4358 कोरोना मरीज

औरंगाबाद जिले में वर्तमान समय में 4358 लोग कोरोना संक्रमित हैं। यह आंकड़ा पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ा है। प्रत्येक दिन साढ़े तीन सौ से ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। जिले भर में कुल 14 जांच केंद्रों पर कोरोना जांच की जा रही है। रैपिड एंटीजन किट के साथ ही आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच के लिए भी सैंपल लिया जा रहा है। एंटीजन किट से परिणाम तत्काल बता दिया जाता है जबकि आरटीपीसीआर और ट्रूनेट से परिणाम बताने में कुछ समय लगता है।

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पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा है परेशानी

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कोविड-19 का प्रसार 2020 में शुरू हुआ था लेकिन उस समय औरंगाबाद जिले में इतना ज्यादा प्रभाव नहीं था।इस बार मौत ज्यादा हो रही है और संक्रमित लोग ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले साल संक्रमित होने के बाद लोग होम आइसोलेट हो जाते थे और कुछ दिनों में ठीक भी हो जा रहे थे। इसके अलावा पेरासिटामोल, विटामिन सी, विटामिन डी3, बीकोसूल सहित कुछ सामान्य दवाओं का उपयोग कर लोग ठीक हो रहे थे लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। यह दवा दी तो जा रही हैं लेकिन सभी लोग इससे ठीक नहीं हो रहे हैं। कई मरीजों की तबीयत ज्यादा बिगड़ जा रही है और जांच के बाद दवाओं को बदलना पड़ रहा है। प्रारंभिक स्तर पर कुछ लोगों को तो इस दवा से बुखार सहित सर्दी खांसी सिर दर्द में राहत मिल जा रही है लेकिन सांस लेने में दिक्कत बनी रह रही है। जिन लोगों को खांसी हो रही है, वह एचआरसीटी करा रहे हैं और उसके बाद इंफेक्शन की जानकारी मिल रही है। इस संबंध में डॉ अभय कुमार ने बताया कि उन्होंने अब तक जितने लोगों को भी एचआरसीटी की सलाह दी है, उसमें संक्रमण अवश्य मिला है। लोगों को सतर्क होना होगा तभी यह संक्रमण रूकेगा।

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