कुटुंबा के शिक्षक डॉ राजीव की कहानी का प्रकाशन राज्य स्तर पर
जिज्ञासा की जीत ने बढ़ाया प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण का मान, शिक्षा मंत्री ने किया लोकार्पण स स स स स स स स स सस स सस स स स सस स

कुटुंबा प्रखंड के मध्य विद्यालय चिंतावन बिगहा में पदस्थापित गणित एवं विज्ञान शिक्षक डॉ. राजीव रंजन सिंह की प्रेरक कहानी राज्यस्तर पर प्रकाशित पुस्तक में शामिल की गई है। प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के अंतर्गत राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, पटना और एनजीओ मंत्रा फॉर चेंज की संयुक्त पहल पर छोटे कदम बड़े बदलाव शीर्षक से पुस्तक प्रकाशित हुई है। इसका लोकार्पण पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग मेला में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र और एनसीईआरटी के डायरेक्टर दिनेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। पुस्तक में राज्य के विभिन्न जिलों के 20 सरकारी शिक्षकों की कहानियां संकलित हैं, जिनमें कुटुंबा प्रखंड के डॉ. सिंह की कहानी जिज्ञासा की जीत भी शामिल है।
इस कहानी में उन्होंने विद्यालय में योगदान के समय की परिस्थितियों, कम छात्र संख्या और गणित-विज्ञान के प्रति छात्रों की कम रुचि का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के माध्यम से कक्षा संचालन शुरू करने पर विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट और मॉडल बनाने तथा छोटे-छोटे समूहों में गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया गया। इससे छात्रों में विषय के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ी। कक्षा में सहभागिता बढ़ी और विद्यालय की उपस्थिति में भी सुधार हुआ। उनके प्रयासों को पुस्तक में स्थान मिलने से कुटुंबा प्रखंड का नाम राज्य स्तर पर रोशन हुआ है। शिक्षा विभाग औरंगाबाद के पदाधिकारियों एवं जिला तकनीकी समूह के सदस्यों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह को बधाई दी है। इस पहल से प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम को लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों में नया उत्साह पैदा हुआ है तथा कुटुंबा प्रखंड में नवाचार आधारित शिक्षण को नई दिशा मिली है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



