
बिना मुआवजा फसल रौंदे जाने से किसानों में आक्रोश
परियोजना से प्रभावित किसानों ने स्वतंत्रता दिवस का जश्न न मानने का लिया फैसलाना मुआवजा भुगतान के रौंदे जाने के विरोध में प्रभावित किसानों ने स्वतंत्रता दिवस न मनाने का फैसला लिया और अन्य किसानों से भी...
भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाले एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर अंबा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में किसानों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार को खड़ी फसलों को बिना मुआवजा भुगतान के रौंदे जाने के विरोध में प्रभावित किसानों ने स्वतंत्रता दिवस न मनाने का फैसला लिया और अन्य किसानों से भी इसमें सहयोग की अपील की। इस दौरान प्रशासन द्वारा एक किसान को हिरासत में लिए जाने की घटना ने भी किसानों के गुस्से को और भड़का दिया। किसानों ने प्रशासन पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया है। भारतीय किसान यूनियन के कोषाध्यक्ष और चिरैयाटांड़ गांव के प्रभावित किसान राजकुमार सनातनी ने प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि प्रशासन जबरन खड़ी फसलों को रौंद रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले दरियापुर गांव और नवीनगर अंचल में सैकड़ों बीघे की खड़ी फसलों को नष्ट किया जा चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्य राज्यों और जिलों में इसी एक्सप्रेसवे के निर्माण में इस तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है। किसानों का कहना है कि बिना मुआवजा भुगतान के फसल नष्ट करने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन का यही रवैया रहा तो आगामी चुनाव में सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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