धान क्रय केंद्रों में अनियमितताओं का आरोप, आंदोलन की चेतावनी
कुटुम्बा के किसानों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स सस स स सस स स स

अंबा में शुक्रवार को कुटुम्बा प्रखंड के किसानों की एक बैठक अजीत कुमार पांडे की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सरकारी धान क्रय केंद्रों पर व्याप्त अनियमितताओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और इस संबंध में बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने आरोप लगाया कि पैक्स अध्यक्षों और कर्मियों की मनमानी व सौदेबाजी के कारण उन्हें धान का पूरा मूल्य नहीं मिल पा रहा है। हार्वेस्टिंग के बाद पैक्स में धान पहुंचाने पर अधिप्राप्ति पर्ची नहीं दी जाती और भुगतान के समय सरकारी समर्थन मूल्य के अनुरूप कागजों में खरीद दिखाकर वास्तविक राशि कम दी जाती है। कई मामलों में खाते में अधिक राशि भेजकर शेष रकम वापस निकलवाने का भी आरोप लगाया गया।
किसानों का कहना है कि सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान का 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, इसके बावजूद उन्हें औसतन 17 सौ से 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल ही भुगतान किया जा रहा है, जबकि बोरा, पलदारी और ढुलाई का पूरा खर्च किसान स्वयं वहन करता है। बैठक में कहा गया कि अधिकांश किसानों के पास भंडारण और परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं है और गोदाम पहुंचने पर तकनीकी कारणों का हवाला देकर खरीद से इनकार कर दिया जाता है, जिससे किसान पैक्स की शर्तों पर धान देने को विवश हो जाता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि गैर-रैयत किसानों को तरजीह दी जा रही है, जबकि वास्तविक रैयत और बड़े किसानों से खरीद नहीं हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। बैठक में श्यामजीत कुमार, संजीत कुमार सिंह, चमन सिंह, दीनानाथ वर्मा, मुखिया मंजीत यादव, अरुण यादव, मुकेश पांडे, ललन सिंह, रामनरेश सिंह, रामाश्रय सिंह, ओम प्रकाश सिंह, सुबोध कुमार, हिमांशु कुमार, कुंदन यादव, मनोज यादव मौजूद थे। पैक्स अध्यक्ष पर धान नहीं खरीदने और अनियमितता का आरोप बिचौलियों और परिजनों के नाम पर खरीद दिखाने की शिकायत, जांच की मांग फोटो- 2 जनवरी एयूआर 5 कैप्शन- औरंगाबाद में शुक्रवार को कार्यालय में आवेदन देते किसान औरंगाबाद। रफीगंज प्रखंड के भदवां पैक्स के किसानों ने डीसीओ को आवेदन सौंपकर पैक्स अध्यक्ष पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि अध्यक्ष द्वारा पंचायत के वास्तविक किसानों से धान की खरीद नहीं की जा रही है और बिचौलियों व अपने परिजनों के नाम पर गलत तरीके से खरीद दर्शाई जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि किसानों को कोटा पूरा होने का हवाला देकर लौटा दिया गया, जबकि गोदाम में उपलब्ध धान और कागजी खरीद में भारी अंतर है। किसानों के अनुसार पैक्स में करीब 36 सौ क्विंटल धान की खरीद दर्शाई गई है, जबकि गोदाम में लगभग आठ हजार क्विंटल से अधिक धान मौजूद है, जो जांच का विषय है। आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने अपने भाई और अन्य व्यक्तियों के नाम पर धान की खरीद दिखाकर भुगतान करा लिया, जबकि संबंधित जमीन और विक्रेता का कोई आपसी संबंध नहीं है। किसानों का यह भी कहना है कि ऑनलाइन भूमि विवरण का गलत उपयोग कर उत्तराधिकारी दर्शाते हुए अवैध रूप से भुगतान की निकासी की गई है। इसके अलावा पैक्स नियमों के विरुद्ध दूसरे पंचायत की जमीन पर उपजे धान की खरीद दिखाने और बिचौलियों से धान खरीदकर गोदाम में रखने का आरोप भी लगाया गया है। किसानों ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने और वास्तविक किसानों से धान की खरीद सुनिश्चित कराने की मांग की है। इस दौरान मुकुल कुमार, रिकेश कुमार सिंह, शिवरतन सिंह, राजेंद्र सिंह, सौरभ सिंह, नवीन सिंह, विवेक कुमार सिंह, जिंकेश कुमार समेत अन्य किसान मौजूद थे। रफीगंज बीसीओ अरूण कुमार का कहना है कि निबंधित किसान से ही धान लेना है। ऐसी शिकायतों की जांच कराई जाएगी।

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