समय से पहले ही महंगी कीमत पर खाद जुटाने लगे जिले के किसान

Newswrap हिन्दुस्तान, औरंगाबाद
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1900 रुपए में डीएपी और तीन सौ रुपए से अधिक में यूरिया सन्नाटा औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में इस वर्ष धान की होने वाली खेती से कई महीने पूर्व ही किसान अब

समय से पहले ही महंगी कीमत पर खाद जुटाने लगे जिले के किसान

1900 रुपए में डीएपी और तीन सौ रुपए से अधिक में यूरिया कालाबाजारी में हो रही है खरीद, कृषि विभाग का दावा, बिक्री पर लगाई गई रोक रोहण नक्षत्र शुरू होने के बाद ही खाद की होगी बिक्री: डीएओ फोटो- 15 मई एयूआर 23 कैप्शन- औरंगाबाद कोऑपरेटिव बैंक परिसर में बिस्कोमान केन्द्र पर पसरा सन्नाटा औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में इस वर्ष धान की होने वाली खेती से कई महीने पूर्व ही किसान अब खाद जुटाने में लग गए हैं। युद्ध की चर्चा और विभिन्न तरह की फैल रही अफवाह को लेकर किसान खाद की खरीदारी में जुटे हुए हैं। डीएपी 19 सौ रुपए जबकि यूरिया 300 रुपए से अधिक कीमत में ली जा रही है जबकि डीएपी की वास्तविक कीमत 1350 रुपए और प्रति बैग यूरिया की कीमत 266.50 रुपए है। इसके कारण किसान महंगी कीमतों पर खाद ले रहे हैं। एक तरफ जिला कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को खाद बेचने से मना कर दिया है तो दूसरी तरफ कालाबाजारी में खाद की बिक्री हो रही है। बिना पॉश मशीन के ही इसकी बिक्री की जा रही है और अधिक रुपए लिए जा रहे हैं। किसान खेती के लिए यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी खाद का इस्तेमाल करते हैं। खाद की उपलब्धता जिले में कम है और रोहण नक्षत्र से पहले विभाग इसकी तैयारी में जुटा हुआ है कि खाद की कमी ना हो। खाद के लिए तय लक्ष्य के आलोक में 40 प्रतिशत खाद ही उपलब्ध हो पाई है। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि फिलहाल खाद की जरूरत किसानों को नहीं है। रोहण नक्षत्र के लिए जितनी खाद की जरूरत होगी, उसके आलोक में 40 प्रतिशत खाद उपलब्ध है। किसान को खाद कहां से मिल रही है, उसके बारे में पता लगाया जाएगा। बिना पॉश मशीन के खाद की बिक्री नहीं हो सकती है और फिलहाल पॉश मशीन के संचालक पर ही रोक है। उन्होंने बताया कि प्रति बीघा एक बैग के हिसाब से खाद की उपलब्धता होती है। जिले में इस साल लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होनी है। समय से खाद की उपलब्धता हो जाएगी। जिले में डीलरों के अलावा थोक विक्रेता, कंपनी, बिस्कोमान और पैक्सों के माध्यम से खाद की उपलब्धता होती है।

खाद की उपलब्धता का लक्ष्य

जिला कृषि विभाग ने खाद की उपलब्धता का जो लक्ष्य तय किया है, उसमें कोई परेशानी नहीं होने की बात कही जा रही है। कृषि विभाग के कर्मियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में 13580 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है। इसी तरह 2485 में मीट्रिक टन डीएपी, 5495 मीट्रिक टन एनपीके की उपलब्धता है। 4620 मीट्रिक टन एसएसपी और 391 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। बताया कि खरीफ में खाद की जरूरत का लक्ष्य पिछली बार की तरह ही रखा गया है। 35500 मीट्रिक टन यूरिया और नौ हजार मीट्रिक टन डीएपी का लक्ष्य किया गया है। इसके साथ ही 10 हजार मीट्रिक टन एनपीके, 65 सौ मीट्रिक टन एसएसपी और 15 सौ मीट्रिक टन एमओपी खाद का लक्ष्य तय किया गया है। औरंगाबाद में कई किसान वर्तमान में कालाबाजारी में खाद की बोरी खरीद रहे हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक युवा किसान ने बताया कि उन्होंने 19 सौ रुपए में डीएपी की बोरी खरीदी है जबकि 330 रुपए से अधिक कीमत में यूरिया की बोरी की खरीदारी की है। यूरिया बैग की वर्तमान कीमत 266.50 रुपए और डीएपी की कीमत 1350 रुपए प्रति बोरी है। बिस्कोमान केन्द्र है बंद विभिन्न तरह की जानकारी के लिए किसान औरंगाबाद कोऑपरेटिव बैंक स्थित बिस्कोमान केंद्र पर पहुंच रहे हैं जहां सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां कार्यालय पर ताला लटका रहा है। इस संबंध में बिस्कोमान के मैनेजर ने बताया कि फिलहाल खाद इफको के गोदाम में उपलब्ध है। आवंटन हो गया है लेकिन वितरण का कार्य फिलहाल नहीं होना है। वरीय स्तर से जो आदेश मिलेगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान खाद की खरीदारी क्यों कर रहे हैं?
किसान युद्ध की चर्चा और विभिन्न तरह की फैल रही अफवाह को लेकर खाद की खरीदारी में जुटे हुए हैं।
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