औरंगाबाद जिले में फार्मर रजिस्ट्री में 1.17 लाख किसान जुड़े
अभियान के रूप में फार्मर रजिस्ट्री का काम हुआ बंद रजिस्ट्री-किसान की डिजिटल पहचान अभियान, कार्यक्रम अब अभियान के रूप में नहीं चलेगा। इसकी समाप्ति

अभियान के रूप में फार्मर रजिस्ट्री का काम हुआ बंद अब नियमित रूप से चलेगी निबंधन प्रक्रिया फोटो- 14 फरवरी एयूआर 60 कैप्शन- शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक में शामिल औरंगाबाद डीएम औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में फार्मर रजिस्ट्री-किसान की डिजिटल पहचान अभियान, कार्यक्रम अब अभियान के रूप में नहीं चलेगा। इसकी समाप्ति कर दी गई है। अब किसान चाहें तो विभिन्न स्थलों पर जाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। इस आशय का निर्देश बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया। फार्मर आईडी कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा को लेकर एक बैठक शनिवार को आयोजित की गई।
औरंगाबाद की डीएम अभिलाषा शर्मा, डीडीसी अनन्या सिंह और जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज इसमें शामिल हुए। बताया गया कि यह अभियान 6 जनवरी से 14 फरवरी तक मिशन मोड में संचालित किया गया था। औरंगाबाद जिले में दो लाख 529 किसानों के लक्ष्य के विरुद्ध एक लाख 17 हजार 531 किसानों की फार्मर आईडी का निर्माण किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि मिशन मोड में फार्मर आईडी निर्माण करने के लिए सभी डीएम धन्यवाद के पात्र हैं। जिले में फार्मर आईडी कार्ड निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारी और कर्मियों को चिह्नित करते हुए बिहार दिवस के अवसर पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए। डीएम ने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों के पंचायत में पंचायत सरकार भवन और अन्य सरकारी भवनों में शिविर का आयोजन किया गया था। इन शिविरों में कृषि समन्व्यक, किसान सलाहकार और राजस्व कर्मी अनिवार्य रूप से उपस्थित थे और संबंधित कार्यों का निष्पादन भी किया गया। अब मिशन मोड में अभियान का संचालन बंद कर दिया गया है। आगे से नियमित रूप से संबंधित स्थलों पर फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
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