
मतदान के लिए तैयार की जा रही हैं ईवीएम और वीवीपैट मशीनें
संक्षेप: 5 नवंबर तक चलेगा मशीनों की कमिश्निंग कार्य, डीएम ने निरीक्षण कर दिए निर्देश लेकर मंगलवार को निरीक्षण करते डीएम श्रीकांत शास्त्री औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। औरंगाबाद जिले के सभी
औरंगाबाद जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में उपयोग हेतु निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एवं वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल मशीनों की कमिश्निंग का कार्य 2 नवंबर से शुरू हुआ था जो 5 नवंबर तक चलेगा। यह कार्य जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम श्रीकांत शास्त्री के नेतृत्व में पूर्ण किया जा रहा है। कमिश्निंग कार्य के दौरान प्रत्येक मशीन की तकनीकी जांच, परीक्षण एवं सत्यापन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप किया जा रहा है। राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहकर प्रत्यक्ष निरीक्षण कर रहे हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने मंगलवार को निरीक्षण करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मशीन का परीक्षण एवं सुरक्षा जांच अत्यंत आवश्यक है।

तकनीकी विशेषज्ञों, मास्टर ट्रेनरों एवं पदाधिकारियों को सभी चरणों में पूर्ण सावधानी एवं पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया है। कमिश्निंग के बाद चयनित मशीनों पर रैंडम परीक्षण कर मत डालने की प्रक्रिया से इलेक्ट्रॉनिक परिणाम एवं पर्चियों का मिलान किया जाएगा। इसके बाद सभी मशीनों को सील कर विधानसभा वार क्रमांक अंकित करते हुए निर्धारित ईवीएम गोदामों में सीसीटीवी निगरानी के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। कहा कि मशीनों की सुरक्षा हेतु तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका निर्धारित है। संपूर्ण कमिश्निंग प्रक्रिया का वीडियोग्राफिक रिकॉर्ड संधारित किया जा रहा है, जिसे आवश्यकतानुसार निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा। कमिश्निंग कार्य निर्वाचन प्रक्रिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी चरण है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनें मतदान हेतु पूर्ण रूप से कार्यशील एवं सुरक्षित रहें।

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