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औरंगाबाद जिले में कलस्टर में होगी मोटे अनाज की खेती

मोटा अनाज उपजाने को लेकर कृषि कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण, किसानों को मिलेगी सहायता व व व व व वव व व व...

औरंगाबाद जिले में कलस्टर में होगी मोटे अनाज की खेती
हिन्दुस्तान टीम,औरंगाबादMon, 27 May 2024 08:30 PM
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किसानों को मोटा अनाज उपजाने के लिए प्रेरित करें ताकि उन्हें कम लागत में ज्यादा मुनाफा हो सके। ये बातें संयुक्त निदेशक राधा रमण ने कृषि कर्मियों को औरंगाबाद में प्रशिक्षण के दौरान कही है। सोमवार को संयुक्त कृषि भवन में खरीफ कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन संयुक्त निदेशक, डीएओ राम ईश्वर प्रसाद, डा. श्रीकान्त, राजीव रंजन यादव, रॉकी रावत, शालिग्राम सिंह, रविशंकर राम, संतोष कुमार, अजीत कुमार पासवान व अनूप कुमार ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मोटे अनाज उपजाने के लिए मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी व मडुआ की खेती की जानी है। इसके लिए सरकार के द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्लस्टर के हिसाब से किसानों को बीज मुहैया कराया जाएगा। इसके बदले उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। प्रत्येक क्लस्टर में कम से कम 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। कृषि कर्मियों को निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किसानों से फसल लगवाने की बात कही। कहा कि इससे होने वाले लाभ की जानकारी विस्तार पूर्वक वे किसानों को दें, ताकि लक्ष्य भी पूरा हो और किसानों को अधिक मुनाफा हो। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रखंडो के कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार आदि थे।

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प्रति एकड़ चार हजार रुपए का मिलेगा सहयोग

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मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी या मडुआ फसल की खेती में बीज के लिए प्रति किसान दो हजार रुपए दिए जाएंगे। प्रोत्साहन राशि के रूप में अलग से दो हजार रुपए दिए जाएंगे। इस तरह किसान को प्रति एकड़ चार हजार रुपए मिलेंगे। हाईब्रिड प्रभेद के मक्का पर डेढ़ सौ रुपए प्रति किलो अनुदान दिया जाएगा तथा धान एवं अरहर बीज पर भी अनुदान दिया जा रहा है। मोटे अनाज की संचालित विभिन्न योजनाओं में दिए जाने वाले प्रत्यक्षण के बारे में जानकारी दी गई। जिले में ज्वार प्रत्यक्षण 12 सौ एकड़, बाजरा प्रत्यक्षण पांच सौ एकड़, मडुआ प्रत्यक्षण 3282 एकड़ एवं कौनी प्रत्यक्षण 15 सौ एकड़ में होगा। 10 वर्ष से कम अवधि के धान प्रत्यक्षण 1342 क्विंटल, 10 वर्ष से अधिक अवधि के धान प्रत्यक्षण 293 क्विंटल एवं मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना 213 क्विंटल बीज का वितरण किया जाना है।

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