भगवान परशुराम ने अपने तपोबल से धर्म की स्थापना की
औरंगाबाद में भगवान परशुराम की जयंती धूम धाम से मनीध्यक्ष व अन्य औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को औरंगाबाद के सम्राट अशोक भवन में भगवान परशुराम जयंती का आयोजन किया...

अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को औरंगाबाद के सम्राट अशोक भवन में भगवान परशुराम जयंती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा, काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक श्रीदेव मिश्र, विशिष्ट अतिथि शाहपुर के विधायक राकेश रंजन ओझा, नगर परिषद अध्यक्ष उदय गुप्ता, रेड क्रॉस अध्यक्ष सतीश कुमार सिंह, चाणक्य परिषद के अध्यक्ष रामानुज पांडेय ने दीप जला कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चाणक्य परिषद के अध्यक्ष रामानुज पाण्डेय ने की और संचालन धनंजय जयपुरी ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत में गायक टिंकू टाइगर, रिया पाठक, अनामिका रॉय, नंदनी पाठक और नेहा आर्या ने भगवान परशुराम के भक्ति गीत की प्रस्तुति दी और लोगों को झुमा दिया।
वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम ने धर्म की स्थापना की और अपने तप तथा बल से ऐसे लोगों को जवाब दिया जो एक तरह से मानवता के दुश्मन थे। कहा कि ब्राह्मण समाज ने सभी वर्गों को जोड़ने का काम किया है। काशी विश्वनाथ के मुख्य अर्चक श्रीदेव मिश्र ने कहा कि भगवान परशुराम जयंती का भव्य आयोजन कर समाज को एकजुट करने का प्रयास बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने दहेज प्रथा से लेकर सामाजिक कुरीतियों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने कहा कि ब्राह्मण समाज को एकजुट होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि शाहपुर विधायक राकेश ओझा ने कहा कि भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर औरंगाबाद में ब्राह्मण समाज की एकजुटता दिखाई दे रही है। मुख्य आयोजक विकास कुमार उर्फ काली, अनूप मिश्रा, रौशन पाठक सहित अन्य सहयोगियों ने कहा कि भगवान परशुराम जयंती मनाने के पीछे सभी अभिभावकों और सहयोगियों का प्रोत्साहन मिला जिसके कारण यह आयोजन हो सका है। इस अवसर पर शैलेन्द्र कुमार मिश्र, सुनील चौबे, सूरज कुमार राय आदि उपस्थित थे।
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