जिले में 19 परीक्षा केन्द्रों पर होगी सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की परीक्षा, युवा लीड
14 अप्रैल से होगी शुरूआत, 21 अप्रैल तक चलेगी परीक्षा, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की हुई तैनाती वन में आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारी फोटो- 13 अप्रैल एयूआर 21 कैप्शन- औरंगाबाद कलेक्ट्रेट के योज

औरंगाबाद कलेक्ट्रेट स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में अपर समाहर्ता (विशेष शाखा) की अध्यक्षता में बिहार लोक सेवा आयोग के अंतर्गत सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा के आयोजन को लेकर सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। उक्त परीक्षा का आयोजन औरंगाबाद जिले में 14 अप्रैल, 15, 17, 18, 20 एवं 21 अप्रैल को एकल एवं द्वितीय पाली में किया जाएगा। जिले में कुल 19 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। बैठक में अपर समाहर्ता द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई है। उक्त टीम परीक्षा प्रारंभ होने के दो घंटे पूर्व अनिवार्य रूप से केन्द्र पर उपस्थित रहेगी तथा अपने पर्यवेक्षण में कक्षवार वीक्षकों की रैंडम प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित कराएंगे।
वे केन्द्राधीक्षक के साथ समन्वय स्थापित कर परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन में सहयोग करेंगे तथा परीक्षा केन्द्र परिसर एवं कक्षों का भौतिक सत्यापन करेंगे। अभ्यर्थियों के प्रवेश के संबंध में निर्देश दिया गया कि केन्द्राधीक्षक, स्टैटिक दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की उपस्थिति में अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी तथा उनके ई एडमिट कार्ड पर अंकित क्यूआर कोड की स्कैनिंग कर फोटो एवं पहचान पत्र से मिलान के उपरांत ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। आयोग की प्राधिकृत एजेंसी द्वारा प्रत्येक केन्द्र पर आवश्यक उपकरण एवं जनशक्ति उपलब्ध कराई जाएगी। यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पाली की परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के एक घंटा पूर्व तक ही प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा कक्ष में वीक्षकों के द्वारा पुनः तलाशी सुनिश्चित की जाएगी ताकि कोई भी वर्जित सामग्री भीतर न ले जाई जा सके। निर्देशित किया गया कि किसी भी अभ्यर्थी को मोबाईल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, स्मार्ट वॉच अथवा व्हाइटनर, इरेजर एवं ब्लेड जैसी सामग्री परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री पाए जाने पर उसे कदाचार मानते हुए आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा तथा निर्धारित समयावधि की समाप्ति से पूर्व किसी भी परिस्थिति में परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। ओएमआर उत्तरपुस्तिका का मिलान करने के बाद ही अभ्यर्थियों को बाहर जाने दिया जाएगा। परीक्षा में संलग्न वीक्षकों को भी किसी परिस्थिति में मोबाईल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केन्द्राधीक्षक को केवल की-पैड युक्त साधारण मोबाईल रखने की अनुमति दी गई है। कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने हेतु स्टैटिक, जोनल एवं उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। उड़नदस्ता दल द्वारा परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा कदाचार में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व से लेकर समाप्ति तक सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिसमें गोपनीय सामग्री का खोलना एवं पैकिंग तथा परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थियों की उपस्थिति एवं गतिविधियों का विशेष रूप से अभिलेखन किया जाएगा। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय, डीपीओ अविनाश प्रकाश, डीइओ सुरेन्द्र प्रसाद, सभी केन्द्राधीक्षक, पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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