औरंगाबाद जिला स्व गणना में राज्य स्तर पर सातवां स्थान, संशोधित
1.64 लाख से अधिक परिवारों की सक्रिय भागीदारी लाख 64 हजार 124 परिवारों ने भाग लिया है। औरंगाबाद जिले ने स्व-गणना के क्षेत्र में राज्य में सातवां स्थान प्राप्त किया

औरंगाबाद जिले में रही जनगणना में स्व गणना के माध्यम से अभी तक एक लाख 64 हजार 124 परिवारों ने भाग लिया है। औरंगाबाद जिले ने स्व-गणना के क्षेत्र में राज्य में सातवां स्थान प्राप्त किया है। भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत आम नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु पहली बार स्व-गणना की व्यवस्था 17 अप्रैल से 1 मई तक उपलब्ध कराई गई थी। इस अवधि में औरंगाबाद जिले में कुल एक लाख 64 हजार 124 परिवारों द्वारा सफलतापूर्वक स्व-गणना की गई। बताया गया कि भारत की जनगणना को दो चरणों में संपन्न किया जाना है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवासीय विवरण संकलन का कार्य 2 मई से 31 मई तक संचालित किया जाएगा। इस चरण में जनगणना कर्मी घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी संकलित करेंगे।
जिले में मकान सूचीकरण का कार्य शुरू
औरंगाबाद की डीएम अभिलाषा शर्मा ने शनिवार को मकान सूचीकरण कार्य का शुभारंभ किया। इस चरण के तहत सभी घरों का सूचीकरण किया जाएगा तथा प्रत्येक घर पर हाउसहोल्ड नंबर अंकित किया जा रहा है। मकान सूचीकरण एवं हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) का नजरी नक्शा तैयार करना है। चार मई तक सभी प्रगणकों द्वारा अपने हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में पूर्ण किया जाना है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवासीय विवरण संकलन का कार्य 2 मई से 31 मई तक किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा। जनगणना कार्य में लगे प्रगणक एवं पर्यवेक्षक निर्धारित समयावधि में अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर यह कार्य संपादित करेंगे।
जनगणना के बाद घर-घर हो रहा नंबरिंग कार्य
दाउदनगर, संवाद सूत्र। जनगणना की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रखंड क्षेत्र में घरों की नंबरिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन के निर्देश पर तैनात कर्मी गांव-गांव और मुहल्लों में पहुंचकर प्रत्येक मकान को चिन्हित कर उसे एक यूनिक नंबर दे रहे हैं, ताकि आगामी जनगणना कार्य को व्यवस्थित और सटीक बनाया जा सके। कर्मी घर-घर जाकर भवन की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य आवश्यक सूचनाओं का सत्यापन भी कर रहे हैं। कई स्थानों पर दीवारों पर पेंट के माध्यम से नंबर अंकित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पहचान करने में आसानी हो। अधिकारियों के अनुसार, घरों की नंबरिंग जनगणना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे क्षेत्र के सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की पहचान में भी सहूलियत मिलेगी।
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