
दाउदनगर कॉलेज में एआई आधारित पर्यावरण प्रबंधन पर एकदिवसीय सेमिनार हुआ
संक्षेप: फोटो- 4 नवंबर एयूआर 6 कॉलेज में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में शामिल लोग दाउदनगर, संवाद सूत्र। दाउदनगर कॉलेज के आईक्यूएसी
दाउदनगर कॉलेज के आईक्यूएसी आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अप्रत्याशित आपदा एवं पर्यावरण प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रत्याशित भूमिका विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. एमएस इस्लाम ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। वनस्पति विज्ञान में इसके प्रयोग पर उन्होंने कहा कि यह तकनीक शोध, पर्यावरणीय परिवर्तनों के विश्लेषण तथा जैव विविधता संरक्षण में एक नई दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने हाल ही में दिल्ली में आयोजित आई.आई.पी.ए. के वार्षिक सम्मेलन के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान को उत्कृष्ट बनाने के लिए सुशासन और पारदर्शिता अनिवार्य है।

मुख्य वक्ता डॉ. सुमित कुमार मिश्रा, वरीय सहायक प्राध्यापक, वनस्पति विज्ञान विभाग, ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व चेतावनी, पर्यावरणीय डेटा विश्लेषण और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट इमेजरी, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे उपकरणों की मदद से वैज्ञानिक अब बाढ़, सूखा और भूकंप जैसी आपदाओं की अधिक सटीक भविष्यवाणी कर पा रहे हैं। ए.आई. आधारित मॉडल आपदा प्रबंधन योजनाओं को सुदृढ़ बनाने के साथ प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण निगरानी और भूमि उपयोग परिवर्तन के अध्ययन में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इन नई तकनीकों की जानकारी लें और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना योगदान दें। धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आकाश कुमार ने प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

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