
पांच सूत्री मांगों को लेकर जताया विरोध
फोटो- 31 अगस्त एयूआर 22 कर विरोध जताते हुए कर्मी औरंगाबाद, हिंदुस्तान संवाददाता। कृषि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी पांच सूत्री मांगों
कृषि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्ष 2014 से संविदा पर कार्यरत हैं और कृषि तकनीक के प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा विभागीय कार्यों के साथ-साथ गैर विभागीय कार्य भी उनसे कराए जाते हैं। बावजूद इसके उन्हें न तो संतोषजनक मानदेय मिलता है और न ही सेवा की स्थायित्व की गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव के अनुरूप मानदेय निर्धारित नहीं है तथा कृषि समन्वयक की बहाली में भी उन्हें अधिमान्यता नहीं दी गई। बीटीएम और एटीएम ने जिन पांच सूत्री मांगों को रखा है, उनमें मानदेय का पुनरीक्षण एवं वृद्धि, सेवा का नियमितीकरण व नए सृजित पदों पर समायोजन, कार्य अनुभव को अधिमान्यता, जिम्मेदारियों एवं भूमिका में स्पष्टता और समानता, साथ ही उपस्थिति व अनुशासन में न्यायपूर्ण व्यवस्था शामिल है।

कर्मचारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और जल्द समाधान की अपील की है।

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