आपकी गाड़ी कितनी फिट है, ATS बताएगा; बिहार के इन जिलों में खुलेंगे टेस्टिंग स्टेशन; 30 पॉइंट्स जांच

Feb 22, 2026 06:05 am ISTSudhir Kumar हिन्दुस्तान, पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
share

नियमानुसार नई गाड़ियों को दो साल जबकि आठ साल पुरानी व्यावसायिक गाड़ियों को हर साल फिटनेस जांच कराना पड़ता है। एक गाड़ी की जांच में कम से कम 15 मिनट का समय लगता है।

आपकी गाड़ी कितनी फिट है, ATS बताएगा; बिहार के इन जिलों में खुलेंगे टेस्टिंग स्टेशन; 30 पॉइंट्स जांच

बिहार की सड़कों पर अनफिट गाड़ियों का परिचालन रोकने को 27 जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) खोले जाएंगे। परिवहन विभाग ने इसके लिए एजेंसियों से आवेदन मांगा है। विभाग की कोशिश है कि इस साल तक इन जिलों में एटीएस खोलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। अधिकारियों के अनुसार एटीएस में मशीनों के माध्यम से यह जांच की जाती है कि वाहन सड़क पर चलने के लिए सुरक्षित है या नहीं।

इस टेस्टिंग में ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और लाइट जैसे 30 से अधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा घटकों की जांच होती है। वाहन से निकलने वाले धुएं की भी जांच की जाती है कहीं वह पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन तो नहीं कर रहा है। अनफिट वाहनों को सड़कों से हटाना एटीएस का मुख्य काम है। बिहार में आठ एटीएस खुले। इसमें पटना में तीन, दरभंगा, भागलपुर, हाजीपुर, नालंदा और सासाराम में एक-एक केंद्र खुले। नियमानुसार नई गाड़ियों को दो साल जबकि आठ साल पुरानी व्यावसायिक गाड़ियों को हर साल फिटनेस जांच कराना पड़ता है। एक गाड़ी की जांच में कम से कम 15 मिनट का समय लगता है।

यानी चौबीसो घंटे भी केंद्र काम करे तो एक दिन में अधिकतम 100 गाड़ियों को ही फिटनेस प्रमाण पत्र दिया जा सकता है, लेकिन आलम यह है कि बिहार के एटीएस एक दिन में 250 से 300 गाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों को इन केंद्रों की जांच हर छह महीने पर करनी है लेकिन स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह केंद्र खुलेआम मेरी मर्जी की तर्ज पर काम कर रहे हैं। सड़कों पर अनफिट गाड़ियों के चलने से राज्य में सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। ब्रेक फेल होने पर भी सड़कों पर फर्राटे भर रही इन गाड़ियों से आए दिन राज्य के किसी ने किसी इलाके में लोग सड़क हादसे के शिकार हो रहे हैं।

इन जिलों में खुलेगा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

विभाग ने मौजूदा केंद्रों पर नकेल कसने को मुंगेर, जमुई, शेखपुरा, बांका, अररिया, शिवहर, नवादा, सहरसा, किशनगंज, वैशाली, नालंदा, सारण, बेगूसराय, लखीसराय, बेतिया, मधेपुरा, अरवल, खगड़िया, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, जहानाबाद, कटिहार, रोहतास, सुपौल, समस्तीपुर, सीवान और दरभंगा में एटीएस खोलने का निर्णय लिया है।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।