बिहार में बदलेगी सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया, राज्यपाल ने बनाई 4 सदस्यों की कमेटी

हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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बिहार में अब सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के नियम बदल जाएंगे। राज्यपाल सय्यद अता हसनैन ने मौजूदा नियमों की समीक्षा के लिए 4 सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी 90 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी। 

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राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। (File Photo by Santosh Kumar/ Hindustan Times)

बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के नियम और प्रक्रिया में बदलाव होगा। राज्यपाल सह कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन ने नियुक्ति मौजूदा प्रक्रिया की समीक्षा कर इसमें सुधार का सुझाव देने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। लोकभवन ने समिति गठन के लिए शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी है। उच्चस्तरीय कमेटी का गठन 24 अगस्त को राज्यपाल एवं ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च एसोसिएशन के बैनर तले अनशन कर रहे छात्रों के बीच हुए समझौते के तहत की गई है।

लोकभवन ने नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार तथा मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा का जिम्मा जानकार लोगों के कंधों पर सौंपा है। समिति में भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो ऐसे सेवानिवृत्त पदाधिकारी शामिल हैं जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र का लंबा अनुभव है। समिति में पूर्व आईएएस अमरजीत सिन्हा एवं संजय कुमार, आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर पद्मश्री प्रो. एच.सी.वर्मा और डॉ.पी.के.रॉय शामिल हैं। अमरजीत सिन्हा बिहार और केंद्र में शिक्षा विभाग समेत विभिन्न विभागों के प्रधान रह चुके हैं।

वह बिहार सरकार में अपर मुख्य सचिव का दायित्व निभा चुके हैं। इसी तरह संजय कुमार भी बिहार सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार में शिक्षा विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में रह चुके हैं। वे हाल में ही केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सचिव के पद से रिटायर हुए हैं। प्रो.एच.सी वर्मा देश के प्रमुख भौतिक विज्ञानी हैं। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर रह चुके हैं। डॉ.पी.के.रॉय भी जाने-माने शिक्षाविद हैं। राज्यपाल सचिवालय में अपर सचिव (विश्वविद्यालय) संजय कुमार समिति के सदस्य सचिव होंगे।

कमेटी में ये सदस्य

1. संजय कुमार : सेवानिवृत्त आईएएस

2. अमरजीत सिन्हा : सेवानिवृत्त आईएएस

3. एचसी वर्मा : प्रमुख भौतिक विज्ञानी

4. पीके राय : जाने-माने शिक्षाविद

इन मुद्दों को देखेगी समिति

नवगठित समिति सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करेगी। इनमें आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और पात्रता, परीक्षा और साक्षात्कार का तरीका, अलग-अलग मानकों को दिए जाने वाले सापेक्षिक महत्व, अतिथि प्राध्यापकों से जुड़े मामले और अन्य संबंधित मुद्दे शामिल हैं।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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