महागठबंधन में सीटों की गुत्थी सुलझाएंगे अशोक गहलोत? पटना में लालू-तेजस्वी से मुलाकात
महागठबंधन के घटक दलों ने एक-दूसरे के प्रत्याशियों को दंगल में उतार दिया है। सतह पर आ चुकी महागठबंधन की इस कलह के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत डैमेज कंट्रोल करेंगे।

बिहार चुनाव में अब पहले चरण की वोटिंग में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। लेकिन अब तक महागठबंधन में सीटों की गुत्थी पूरी तरह से नहीं सुलझी है। सीट शेयरिंग पर महागठबंधन में इस कदर टशन है कि बिहार की कई विधानसभा सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों ने एक-दूसरे के प्रत्याशियों को दंगल में उतार दिया है। सतह पर आ चुकी महागठबंधन की इस कलह के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत डैमेज कंट्रोल करेंगे।
कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत बुधवार को पटना आ रहे हैं। वो महागठबंधन में सीट बंटवारे पर सहयोगियों से भी बात करेंगे। पटना में उनकी मुलाकात महागठबंधन समन्वयक तेजस्वी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से हो सकती है। 23 अक्टूबर को महागठबंधन की ओर से साझा प्रेसवार्ता कर मीडिया को चुनाव की अगली रणनीति की जानकारी दी जाएगी।
कहने के लिए तो महागठबंधन में सीटों का बंटवारा हो चुका है। लेकिन इसमें पेच यह है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए महागठबंधन ने कुल 256 उम्मीदवार उतार दिए हैं। जिसके बाद अब करीब 13 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल ही आमने-सामने आ गए हैं।
इन 13 सीटों पर MGB के घटक दल आमने-सामने
राजद और कांग्रेस: वैशाली, कहलगांव, नरकटियागंज, सिकंदरा, वारिसलीगंज, सुल्तानगंज
कांग्रेस और भाकपा: बछवाड़ा, राजापाकर, करगहर, बिहारशरीफ।
राजद-वीआईपी: बाबूबरही और चैनपुर।
कांग्रेस और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी : बेलदौर।
ऐसी चर्चा है कि अशोक गहलोत और तेजस्वी यादव के बीच मुलाकात में विवादित सीटों पर बातचीत हो सकती है। इस बातचीत में उन 13 विवादित सीटें पर फोकस किया जा सकता है जिसपर घटक दलों के बीच गतिरोध की स्थिति है। अगर महागठबंधन इस बातचीत के जरिए सीटों की गुत्थी को सुलझाने में कामयाब रहता है तो गुरुवार यानी 23 अक्तूबर को महागठबंधन के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी घटक दलों के नेता नजर आ सकते हैं।


