
खगड़िया में आशा कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या, घर में घुसकर बदमाशों ने गला रेता
खगड़िया जिले में आशा कार्यकर्ता की हत्या की हड़कंप मच गया। घर में घुसकर पूनम वर्मा की बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी। हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुश्कीपुर कोठी रहने वाली आशा कार्यकर्ता 43 वर्षीया पूनम वर्मा की बदमाशों ने धारदार हथियार से शनिवार की शाम गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। मृतका आशा कार्यकर्ता मुश्किपुर कोठी के रहने वाले ज्ञान किशोर सिंह उर्फ डमरू की पत्नी बतायी जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मृतका पूनम वर्मा अनुमंडलीय अस्पताल में आशा कार्यकर्ता थीं, और एएनएम की डिग्री लेकर अपने निजी आवास पर डिलिवरी कराने का काम करती थी। उस आवास में वो अकेली रहकर डिलिवरी कराने का काम करती थी।

शनिवार की शाम को लगभग चार बजे उनके परिजन जब घर गए, तो देखा कि उसका गला कटा हुआ है और खून की धारा बह रही है। इसके बाद वह शोर मचाने लगा। उसके शोर सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की खबर सुनते ही गोगरी अंचल पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र सिंह व थानाध्यक्ष अजीत कुमार सशस्त्र बलों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल में जुट गए। इस तरह की निर्मम घटना को अंजाम किसने दिया इसका खुलासा फिलहाल नही हो सका है।
आशा कार्यकर्ता की गला रेतकर हत्या की घटना आमलोगों के बीच एक पहेली बनी हुई है। बताया गया कि उससे किसी से कोई विवाद भी नही है। फिर भी उनकी हत्या बादमाशों ने क्यों की यह एक सवाल बना हुआ है। चर्चाओं ने कहा जा रहा है कि हत्या की घटना को तीन से अधिक बदमाशों ने अंजाम दिया है। इधर गोगरी एसडीपीओ रमेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हत्या में शामिल बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी होगी।



