
Arwal Chunav Result: अरवल में भाजपा के मनोज कुमार जीते, महानंद सिंह को हराया
संक्षेप: Arwal Chunav Result 2025: अरवल जिले की अरवल असेंबली सीट पर मतगणना जारी है। भाजपा के मनोज कुमार ने बढ़त बना रखी है, लेकिन अंतर काफी कम है।
Arwal Chunav Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अरवल जिले की अरवल सीट पर भाजपा के मनोज कुमार जीते हैं। उन्होंने सीपीआई माले के महानंद को हराया है। साल 2020 के चुनाव में सीपीआई-माले के महानंद सिंह ने भाजपा के दीपक कुमार शर्मा को हराया था।

9.44 बजे- अरवल विधानसभा में भाजपा के मनोज कुमार ने चुनाव जीता है। उन्हें 79854 वोट मिले हैं। कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट - लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) के महानंद सिंह को 65761 वोट मिले। दोनों के बीच हार-जीत का अंतर 14093 वोटों का रहा है।
3.50 बजे- अरवल में भाजपा और सीपीआई-माले के बीच हार-जीत का मुकाबला जारी है। हालांकि भाजपा के मनोज कुमार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।
1.50 बजे- अरवल में भाजपा के मनोज कुमार आगे निकल गए हैं। उन्होंने सीपीआई-माले के नेता महानंद सिंह से 2803 वोट ज्यादा झटके हैं। अब तक मनोज कुमार को 30956 वोट मिले हैं।
11.27 बजे- अरवल में कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट - लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) और भाजपा में कांटे का मुकाबला दिखाई दे रहा है। सीपीआई माले के महानंद सिंह को अब तक कुल 13336 वोट मिले हैं। भाजपा के मनोज कुमार महज 246 वोटों से पीछे चल रहे हैं।
सुबह 10.13 बजे- अरवल में मनोज कुमार ने लगातार बढ़त बना रखी है। उन्हें अब तक कुल 3122 वोट मिले हैं। लेकिन ये बढ़त महज 282 वोटो की है। आगे की गिनती में कुछ भी हो सकता है।
सुबह 9.25 बजे- अरवल विधानसभा से भाजपा के मनोज कुमार आगे चल रहे हैं। बैलट पेपर की गिनती के बाद ईवीएम की गिनती जारी है।
सुबह 8.45 बजे- ईवीएम खुल गई हैं। ईवीएम की मतगणना शुरू हो गई है।
सुबह 8 बजे- मतगणना शुरू हो गई है। पहले आधे घंटे पोस्टल बैलट की गिनती होगी। ईवीएम 8.30 बजे से खुलेंगे।
सुबह 7:41 बजे- मतगणना केंद्र पर चुनाव अधिकारी और कैंडिडेट के काउंटिंग एजेंट पहुंच चुके हैं. सुबह 8 बजे एआरओ के टेबल पर पोस्टल बैलट की गिनती शुरू हो जाएगी. उसके साथ लगे 14 टेबल पर बारी-बारी से ईवीएम राउंड की गिनती 8.30 बजे से होगी.
अरवल जिले की अरवल विधानसभा सीट पर 2020 में सीपीआई माले के महा ननद सिंह (68286) ने भाजपा के दीपक कुमार शर्मा (48336) को 19950 वोटों से हराया था। इस हार को जीत में बदलने के लिए भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। 2015 में राजद के रविंद्र सिंह ने भाजपा के चितरंजन कुमार को 17,810 वोटों से हराया था। पहली बार रविंद्र सिंह इस सीट से 1995 में जनता दल के टिकट पर जीते थे।
2010 में चितरंजन कुमार यहां से विधायक बने थे। एलजेपी के के दुलारचंद सिंह लगातार दो बार फरवरी 2005 और अक्टूबर 2005 में इस सीट से चुनाव जीते। राजद के अखिलेश प्रसाद सिंह यहां से 2000 में जीते थे। अब तक कुल चुनाव में यहां से 4 बार निर्दलीय, 2-2 बार आरजेडी, एलजेपी, भाकपा और कांग्रेस और 1-1 बार भाजपा, जनता दल, जनता पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी यहां से जीत चुकी है।
कांग्रेस यहां कभी भी प्रभावशाली नहीं रही है। उसकी आखिरी जीत 1962 के चुनाव में हुई थी। यहां कई दलों ने अपनी-अपनी सरकार बनाई है। इनमें भाकपा, लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल ने दो-दो बार चुनाव जीता। समाजवादी पार्टी, जनता पार्टी, जनता दल, भाजपा और भाकपा (माले) को एक-एक बार सफलता मिली है।





