डीएसपी, थानेदार समेत 12 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट; क्या है मामला, जान लीजिए
तत्कालीन पुलिसलाइन डीएसपी और कुढ़नी थानेदार समेत 12 पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया है। नौ मार्च को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया गया है।

बिहार पुलिस के डीएसपी समेत 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोर्ट से गिफ्तारी वारंट निकल गया है।विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने तत्कालीन पुलिसलाइन डीएसपी और कुढ़नी थानेदार समेत 12 पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है। नौ मार्च को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया गया है। सभी पुलिसकर्मी कुढ़नी और सदर थाने के दो मादक पदार्थ जब्ती के केस में गवाही देने के लिए न्यायालय में नहीं आ रहे हैं। विशेष एनडीपीएस कोर्ट-दो के न्यायाधीश नरेंद्रपाल सिंह ने गवाही नहीं देने के इस मामले को गंभीरता से लिया है।
इनके खिलाफ जारी हुआ वारंट
तत्कालीन कुढ़नी थानेदार अरविंद पासवान, तत्कालीन डीएसपी रक्षित विपिन नारायण शर्मा, आईओ दारोगा विवेकानंद सिंह, एएसआई प्रकाश कुमार, गृहरक्षक कुमोद कुमार, दिनेश चौधरी, रघुवीर सिंह, आईओ राजेश यादव, सिपाही छोटेलाल सिंह, संजीव कुमार, गृहरक्षक अरविंद, धनिक कुमार राणा शामिल हैं।
9 मार्च तक का समय दिया
विशेष एनडीपीएस कोर्ट-दो के न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने दो मामलों में गवाही देने नहीं पहुंचने कुल 12 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। दोनों मामलों में एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है। जिसकी अगली सुनवाई 9 मार्च को निर्धारित की गई है। पहला मामला कुढ़नी थाना क्षेत्र के गरहुआ चौक से जुड़ा है। चार वर्ष पहले पुलिस ने रौशन कुमार नामक युवक को लोडेड कट्टा और 1.920 मिलीग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट तो दाखिल कर दी, लेकिन साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू होने पर कोई भी गवाह कोर्ट नहीं पहुंचा।
गवाही देने नहीं पहुंचे अधिकारी
न्यायालय ने तत्कालीन कुढ़नी थानाध्यक्ष अरविंद पासवान, डीएसपी रक्षित विपिन नारायण शर्मा, आईओ विवेकानंद सिंह, एएसआई प्रकाश कुमार, गृहरक्षक कुमोद कुमार व दिनेश चौधरी के खिलाफ वारंट जारी किया है। वहीं, दूसरा मामला सदर थाना के खबरा भेल कालोनी का है। अगस्त 2020 में पुलिस ने एटीएम फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था। छापेमारी के दौरान छह बदमाशों के पास से एक किलो चरस, एटीएम क्लोनिंग मशीन और नकदी बरामद हुई थी। इस केस में भी पांच साल बीत जाने के बाद पुलिसकर्मी गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
कोर्ट ने केस के सूचक रघुवीर सिंह, आईओ राजेश कुमार यादव, सिपाही छोटेलाल सिंह, संजीव कुमार, गृहरक्षक अरविंद कुमार व धनिक कुमार राणा के विरुद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी किया है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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