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जिला परिषद की है जमीन, स्कूल को भी जिप ने दी थी जगह

हिन्दुस्तान टीम,अररियाPublished By: Newswrap
Thu, 11 Mar 2021 11:43 PM
जिला परिषद की है जमीन, स्कूल को भी जिप ने दी थी जगह

अररिया। संवाददाता

शहर के चांदनी चौक स्थित खाली पड़ी जमीन के एक भूखंड को मार्केटिंग कंप्लेक्स निर्माण के लिये जिला परिषद द्वारा लीज पर दिये जाने के बाद उठे विवाद पर गुरुवार को जिप अध्यक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा की जमीन जिला परिषद की है। सारे दस्तावेज मौजूद हैं। चंद लोग अपनी राजनीतिक पहचान बनाने और आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। अफसोस ये कि जिस स्कूल के लिये जिला परिषद ने ही जमीन दी है, वहां के बच्चों से प्रदर्शन कराया गया।

जमीन के स्वामित्व को लेकर बीते कुछ दिनों से चल रहे विवाद के मद्देनजर गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिप अध्यक्ष आफताब अजीम उर्फ पप्पू अजीम ने कहा कि अररिया जिला परिषद आय के मामले में सबसे कमजोर है। अपनी आय का स्रोत को बढ़ाने के लिये संबंधित सदन के सदस्य व विभागीय अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। फारबिसगंज व गितवास सहित कई अन्य स्थानों पर अपनी अतिक्रमित भूमि को जिप ने मुक्त कराया है। मार्केट बनवाये। लोग रोजगार कर रहे हैं। जिप की आमदनी बढ़ी तो कर्मियों को समय पर वेतन भी मिलने लगा। इसी मकसद के तहत जिला परिषद के सभी सदस्यों की सहमति से चांदनी चौक के पास स्थित जमीन पर पीपीपी मोड में मार्केटिंग कंप्लेक्स बनाने का निर्णय सदन ने लिया। विभागीय अधिकारियों ने इसकी समीक्षा की। सभी नियमों का पालन करते हुए विधिवत निविदा आमंत्रित किया गया।

ये भी बताया गया कि चांदनी चौक के आस पास फुटकर दुकानदारों को भी मार्केट में स्थान देने, पार्किंग स्थल और डीलक्स सुलभ शौचालय निर्माण की शर्तों को पूरा करने पर सहमत होने वाली कंपनी को 33 डी जमीन 21 साल के लिये लीज पर विधिवत ढंग से दिया गया। सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। एकरारनामा में प्रति वर्ग फिट किराया भी तय कर दिया गया है। इसी क्रम में उन्होंने बताया सब कुछ नियमानुसार और जिप को प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है। इसके बावजूद गिनती के चंद लोग राजनीति करना चाह रहे हैं। कहा कि ये अररिया का मुद्दा नहीं, झूठ का मुद्दा है।

उसी जमीन के एक हिस्से में बने एक सरकारी स्कूल द्वारा जमीन के स्वामित्व को लेकर उठाए गए कदमों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि जब उस खाली जमीन पर नशेड़ियों और जुआरियों का जमघट लगता था, तब स्कूल और शिक्षा विभाग ने सुध क्यों नहीं ली। साथ ही उन्होंने ने एक तत्कालीन डीएम का हवाला देते हुए कहा कि मार्केट का निर्माण कर वहां फुटकर दुकानदारों को भी जगह देने व पार्किंग स्थल बनाने का विजन उन्होंने भी दिया था। वहीं बुधवार को जमीन के मुद्दे को लेकर उसी स्कूल की कुछ छात्राओं को प्रदर्शन किये जाने पर जिप अध्यक्ष श्री अजीम ने कहा कि ऐसे मामलों में पढ़ाई का नुकसान कर बच्चों को घसीटना ठीक नहीं है। जब पूर्व में अधिकारियों को आवेदन दिया जा चुका था तो बच्चों को प्रदर्शन के लिये क्यों लाया गया। उन्होंने इस मामले में प्रधानाध्यापिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिये। साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि दिये गये आवेदन पर डीएम ने जांच के लिये वरीय अधिकारियों की टीम बना दी है। उनके निर्देश पर सीओ जमीन की पैमाइश कर चुके हैं। सच्चाई की जीत होगी।

इस अवसर पर जिप की उपाध्यक्ष जुगनू परवीन के अलावा शाहनवाज अख्त, कल्बी देवी, दिनेश पासवान, मोनी देवी, आसमा खातून और आफाक आलम सहित जिप के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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