सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में युवा शक्ति का प्रदर्शन
फारबिसगंज में युवा शक्ति संगठन ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्र संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की नाकामी की आलोचना की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।

फारबिसगंज, एक संवाददाता। फारबिसगंज की युवा शक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की संध्या पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की पटना पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के विरोध में फारबिसगंज स्टेशन स्टेशन चौक पर छात्र संघ अध्यक्ष शेख तालिब के नेतृत्व में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवा शक्ति एवं छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस अवसर पर युवा शक्ति जिला अध्यक्ष नन्हे सम्राट ने कहा कि सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव वर्षों से बिहार सहित पूरे देश के गरीब, पिछड़े, दलित, शोषित और वंचित तबके की आवाज को सड़क से लेकर संसद तक बुलंद करते रहे हैं। उन्होंने हमेशा आम जनता के हक, अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया है। आज जब वे सरकार की विफलताओं को उजागर कर रहे हैं, तो सरकार बदले की भावना से उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। वहीं अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। हाल के दिनों में पटना में नीट की एक छात्रा के साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना ने पूरे राज्य को शर्मसार कर दिया है। इसके अलावा जहानाबाद, मधेपुरा, सहरसा, पटना, पूर्णियां समेत कई जिलों में लगातार बेटियों के साथ दुष्कर्म, हत्या और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार संवेदनहीन बनी हुई है और अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सांसद पप्पू यादव ने इन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल किए और महिलाओं की सुरक्षा, छात्रों के भविष्य तथा आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सरकार उनकी आवाज से घबरा गई और पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाकर उन्हें फंसाने की साजिश रच रही है। यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। छात्र नेता सरफराज ने आगे बताया कि पूर्णियां से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव से जुड़े लगभग 31 वर्ष पुराने एक मामले में कोर्ट द्वारा कुर्की-जब्ती का वारंट जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि यह मामला वर्षों से लंबित था, लेकिन अचानक की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि इसके पीछे राजनीतिक साजिश छिपी हुई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने के बाद सांसद पप्पू यादव दिल्ली से पटना लौटे थे। इसके बाद पटना पुलिस ने देर रात करीब साढ़े दस बजे उनके पटना स्थित मंदिरी आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया और आईजीआईएमएस ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। यह पूरी कार्रवाई जल्दबाजी और राजनीतिक दबाव में की गई प्रतीत होती है। सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके सैकड़ों समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। फारबिसगंज सहित बिहार के विभिन्न जिलों में समर्थकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। समर्थकों का कहना है कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जननेताओं को निशाना बना रही है। युवा शक्ति और छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार में आए दिन बेटियों के साथ हो रही घटनाएं यह साबित करती हैं कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह असफल है। सरकार जनता की सुरक्षा को लेकर उदासीन बनी हुई है और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सांसद पप्पू यादव के खिलाफ की जा रही कार्रवाई वापस नहीं ली गई और बिहार में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो युवा शक्ति और छात्र संगठन राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर एहतेशाम अंसारी, दीपक कुमार, इम्तियाज, शाहरुख, कमरान, सरफराज, अरमान, रिजवान, आदेश पासवान, कुणाल, अभिषेक कुमार आदि बड़ी संख्या में युवक मौजूद थे।
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