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अररिया

ससुराल के प्रति अपनी कर्तव्य व निष्ठा की कथा सुनी महिलायें

हिन्दुस्तान टीम,अररियाPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 10:12 PM
ससुराल के प्रति अपनी कर्तव्य व निष्ठा की कथा सुनी महिलायें

पटेगना। एक संवाददाता

15 दिनों तक चलने वाले पर्व मधु श्रावणी के चौथे दिन शनिवार को धूमधाम व गीतनाद के बीच सम्पन्न हुआ। इस दौरान नवविवाहिता महिलाओं ने इस पावन अवसर पर अपने पति व ससुराल के प्रति अपने कर्तव्य व निष्ठा की कथा सुनी। इस मौके पर गांव के नवविवाहिताओं के घर सुबह फूल तोड़ने से लेकर शाम कोवर के गीत से गुंजायमान होता रहा। एक ओर जहां इस उमस भरी गर्मी में भी महिलाएं पर्व को लेकर व्यस्त रही वहीं कभी-कभी रिमझिम बारिश के बीच नवविवाहिता सहित गांव की महिलाएं कथा का आनंद लेती रही। पलासी प्रखंड के चौरी बरदबट्टा निवासी प्रमोद झा की नवविवाहित पुत्री स्वीटी देवी ने बताया कि पर्व के चौथे दिन हनुमान जन्म, अहिल्या का सतीत्व भंग तथा गौतम ऋषि द्वारा अपनी पत्नी अहिल्या को श्राप दिए जाने, श्रवण कुमार द्वारा अपने अंधे माता-पिता को कंधे पर लेकर चारों धाम कराये जाने तथा महादेव से गौरी के विवाह आदि प्रसंगों की कथा सुनाई गई। मान्यता है कि मां गौरी महादेव को अपने जीवन साथी के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की। अन्य देवताओं द्वारा मां गौरी के इस कठोर तपस्या को देख महादेव को गौरी से विवाह करने का आग्रह किया तथा महादेव भी गौरी के कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गौरी से विवाह कर दाम्पत्य संबंध में बंध गये। विवाहिता ने बताया कि प्रतिदिन के कथा में पति व पत्नी को एक-दूसरे के प्रति जीवन भर के कर्तव्य का बोध कराया जाता है।

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