
शादी-विवाह का सीजन शुरू होते ही कारोबारियों के खिले चेहरे
फारबिसगंज में खरमास के समाप्त होने के साथ 23 जनवरी से बंसत पंचमी के अवसर पर शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है। बाजार में शादी समारोह से जुड़े व्यवसायियों की चहल-पहल बढ़ गई है। इस बार शादियों की संख्या में इजाफा हो रहा है, और मेहमानों की संख्या सीमित होने के बावजूद रौनक बरकरार है।
फारबिसगंज, एक संवाददाता। खरमास समाप्त होने के साथ आगामी 23 जनवरी बंसत पंचमी से शादी-विवाह के लग्न की शुरुआत हो रही है, फारबिसगंज में शादी-विवाह का माहौल पूरी तरह परवान पर है। हर गली-मुहल्ले में बैंड-बाजा-बारात की गूंज सुनाई देने वाली है। लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर साज-सज्जा, खानपान, और शादी समारोह से जुड़ा कारोबार पूरे जोश में लौट आया है। इससे जुड़े व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। जानकारों के अनुसार इस बार लग्न की तिथियां भले ही सीमित हैं, लेकिन शादी की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। हर लग्न में फारबिसगंज शहर में कहीं ना कहीं बारात निकल रही है, तो कहीं विवाह का आयोजन हो रहा है।
इन शादियों का सीधा फायदा बाजार को मिल रहा है। आगामी 8 जुलाई तक शादी-विवाह का शुभ लग्न है। इन सात महीनों में सैकड़ो शादियां होगी। शहर के कारोबारियों की लॉटरी खुली: शादी समारोह से जुड़े हर कारोबार की चांदी हो गई है। होटल,धर्मशाला,विवाह भवन, साज-सज्जा, टेंट,बैंड पार्टी, डीजे,लाइट, फूल, फोटोग्राफी, खानपान, हलवाई,वाहन चालक, ड्रेसेस और मेहमानों की आवभगत से जुड़े तमाम व्यवसायों में गहमागहमी है। फल-सब्जी से लेकर कपड़े और गहनों की दुकानों तक पर भीड़ बनी हुई है। इंतजार में बैठे कारोबारी अब लगातार हो रहे आयोजनों से खासे उत्साहित हैं। जुलाई तक अधिकांश होटलों की अग्रिम बुकिंग शुरू: फारबिसगंज में दो दर्जन से अधिक नामी गिरामी होटल और धर्मशालाएं हैं, जिनकी बुकिंग आगामी 10 जुलाई माह तक फुल हो चुकी है। एक सप्ताह के अंदर दर्जनों शादियां प्रस्तावित हैं,और उनकी तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। इन आयोजनों के लिए पहले से बुकिंग कराना भी चुनौती बन गया है। कोर्ट मैरिज के द्वारा शादियों की संख्या कम: फारबिसगंज में शादियों का आयोजन अधिकतर घरों, होटलों और धर्मशालाओं में ही हो रहा है। कोर्ट मैरिज या विधिक रजिस्ट्रेशन की संख्या बहुत कम है। स्थानीय निबंधन कार्यालय के मुताबिक साल भर में महज 8-10 ही विवाह का पंजीकरण हुआ है, वह भी उन लोगों का जो विदेशों में कार्यरत हैं, और दस्तावेजी आवश्यकता के कारण रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। शादी में मेहमानों की संख्या सीमित, मगर रौनक बरकरार: अब की शादियों में मेहमानों की संख्या अपेक्षाकृत कम रखी जा रही है। हालांकि परिवारजन और करीबी रिश्तेदारों की उपस्थिति से कार्यक्रमों की रौनक बरकरार है। आकर्षक सजावट, पारंपरिक गीत-संगीत, व्यंजनों की बहार और डांस पार्टी से माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो रहा है। साज-सज्जा और खानपान में कोई कमी नहीं: शादियों की भव्यता में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। भले ही मेहमान सीमित हों, लेकिन सजावट, व्यंजन, और मनोरंजन की तैयारी पूरे पैमाने पर की जा रही है। एक दिन पूर्व गीत-संगीत के आयोजन, बारात स्वागत, दूल्हा-दुल्हन की एंट्री,और व्यंजन की विविधता-हर चीज़ में परंपरा के साथ आधुनिकता की झलक मिल रही है। क्या कहते हैं जाने माने पुरोहित: सीमांचल के जाने माने पुरोहित पंड़ित पंतजलि शर्मा उर्फ बंटी बाबा ने बताया कि जनवरी माह में अभुज मुहर्त 23 जनवरी,बंसत पंचमी से शरू होगा। इसके बाद फरवरी माह में सबसे ज्यादा 8 लग्न है, मार्च और अप्रैल माह में 5-5 शुभ मुहूर्त है। मई माह में 4 तो जून माह में 6 और जुलाई माह में 4 शुभ है है। इसके बाद नवंबर माह में शादी विवाह का लग्न शुरू होगा। शादी विवाह का शुभ मुहूर्त: जनवरी माह: 23 जनवरी,बंसत पंचमी। फरवरी माह: 5,6,10,12,19,20,24,25 मार्च माह: 9,10,11,12 ,14 अप्रैल माह:16,20,21,26,28 मई माह:1,5,7,12 मध्य मलमास शुरू। जून माह:19,21,22,24,27,29 जुलाई माह: 1,6,7,8

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