DA Image
25 अक्तूबर, 2020|1:18|IST

अगली स्टोरी

नदियों का जलस्तर घटा, तटबंध पर खतरा

नदियों का जलस्तर घटा, तटबंध पर खतरा

1 / 2बारिश के रुकने से जहां एक तरफ धीरे—धीरे नदियों का जलस्तर कम होने लगा है वहीं दूसरी ओर पिपरा स्थित टूटे तटबंध के कारण तबाही बरकरार है। अभी भी दर्जनभर पंचायत के कई गांव में पानी बरकरार है। खासकर...

नदियों का जलस्तर घटा, तटबंध पर खतरा

2 / 2बारिश के रुकने से जहां एक तरफ धीरे—धीरे नदियों का जलस्तर कम होने लगा है वहीं दूसरी ओर पिपरा स्थित टूटे तटबंध के कारण तबाही बरकरार है। अभी भी दर्जनभर पंचायत के कई गांव में पानी बरकरार है। खासकर...

PreviousNext

बारिश के रुकने से जहां एक तरफ धीरे—धीरे नदियों का जलस्तर कम होने लगा है वहीं दूसरी ओर पिपरा स्थित टूटे तटबंध के कारण तबाही बरकरार है। अभी भी दर्जनभर पंचायत के कई गांव में पानी बरकरार है। खासकर पिपरा, कामत टोला, कुसमाहा, गड़हा, टप्पू टोला, मटियारी, रानीगंज, पोटरी, भलवा, खमकौल, नयाटोला, घोड़ाघाट, मधुबनी, खैरकां, खाबसपुर सहित बड़ी संख्या में गांव की स्थिति खराब है। पिपरा निवासी चंदन साह, धर्मानंद मंडल, नरेश मंडल आदि ने बताया कि बारिश के रुकने के बाद भी गांव में तबाही जारी है । इन लोगों ने बताया कि पीपरा के टूटे तटबंध की मरम्मत नहीं होने से परमान का पानी सीधे गांव की ओर आ रही है। इन लोगों ने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है बल्कि विगत 4 वर्षों से टूटे तटबंध के कारण दर्जनों पंचायत में पानी से तबाही मच रही है। लाखों की आबादी प्रभावित होता रहा है। आवागमन समस्या सिर चढ़कर बोलता रहा है । गरहा एवं टप्पू टोला भी टूटे तटबंध को लेकर खास निशाने पर है । ग्रामीणों का कहना है कि टूटे तटबंध के मुहाने पर रहने के कारण उन लोगों की परेशानी सिर चढ़कर बोल रहा है । मुख्य सड़क के टूटने के कारण उन लोगों का शहर से संपर्क भंग हो गया है। खमकौल एवं पोटरी में लोगों की परेशानी यथावत है । इन पीडितों का कहना है कि उन लोगों के घर आंगन में पानी का प्रवेश तो है ही मगर सड़क पर पानी लगने से आवागमन से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भेलवा निवासी सऊद, वसीम अख्तर, सौरव का कहना है कि घर आंगन में पानी है ही,बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह आने जाने के लिए केले का थंब का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश के रुकने से पानी रुका हुआ है मगर तबाही यूं ही बरकरार है । अमहारा वार्ड संख्या 09 में लोगों के घर आंगन में पानी घुसा हुआ है । ग्रामीण किरण साह, मनोज मंडल, सौरव साह, संतोष आदि ने कहा कि अमहारा रोड पर भी पानी के वजह से वे लोग चारों तरफ से घिरे हुए हैं । घर आने जाने के लिए भी पानी पार करना पड़ता है । यह भी आरोप लगाया कि उन लोगों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है । इधर खवासपुरा ,रमै, घोड़ा घाट आदि गांव में भी पानी से लोग परेशान हैं । पानी से प्रभावित ग्रामीणों को सबसे बड़ी समस्या आवागमन संकट है । मुख्य सड़कों के कई जगह क्षतिग्रस्त हो जाने से शहर से गांव का कनेक्शन टूट गया है । लेकिन सुकून की बात है कि पानी का बढ़ना बंद हो गया है । पानी के बाद सबसे बड़ी तबाही संपर्क पथ को लेकर है । बताया जाता है कि बड़ी संख्या में पुल निर्माण को लेकर या तो डायवर्सन का निर्माण नहीं किया गया है या फिर जहां जहां भी डायवर्सन की खानापूरी की गई है वह पानी में बह जाने से आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। ऐसे में शहर से एवं एक गांव से दूसरे गांव का संपर्क भी भंग हो गया है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Water level of rivers reduced danger on embankment