बाल विवाह की रोकथाम व महिला सुरक्षा की मिली ट्रेनिंग

हिन्दुस्तान, अररिया
Follow us on Google News
share

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणाम और इसके सामाजिक कुरीतियों को मिटाने की शपथ दिलाई गई।

बाल विवाह की रोकथाम व महिला सुरक्षा की मिली ट्रेनिंग

पलासी, (ए.सं.)। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नई दिल्ली, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज महिला एवं बाल विकास निगम एवं जिला प्रशासन की ओर से बाल विवाह मुक्त, बाल श्रम मुक्त, बाल यौन शोषण मुक्त, मानव तस्करी मुक्त एवं नशा मुक्त अररिया बनाने को लेकर प्रखंड के सभागार में महिला पर्यवेक्षिका एवं सेविकाओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित की गयी। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेविकाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह मुक्त अररिया जिला बनाना महिलाओं एवं किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणाम, इसके सामाजिक एवं कानूनी सामाजिक कुरीतियों को मिटाने की भी शपथ दिलाई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी बाल विकास परियोजना पलासी सुमन कुमारी ने की। इस कार्यक्रम का संचालन एवं प्रशिक्षक जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने उपस्थित सभी सेविकाओं को अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम हेतु सतर्कता एवं जन जागरूकता फैलाने साथ ही किशोरियों को हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 15001, 181 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

महिलाओं को योजनाओं की जानकारी

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन कराने की बात कही गयी। योजना से ताकि कोई भी लाभुक योजना से वंचित न रहे। साथ ही मिशन शक्ति योजना अंतर्गत संचालित नारी शक्ति योजना के तहत सामाजिक पुनर्वास योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं के पुनर्वास, संरक्षण, सहावता एवं सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया तथा जरूरतमंद महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने हेतु सेविकाओं को जागरूक किया गया।

समाज के विकास में बाधक

कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक एवं जेंडर स्पेशलिस्ट द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण एवं सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के विकास में बाधक है तथा इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रवास आवश्यक है। साथ ही वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में महिला पर्यवेक्षिका बबीता कुमारी, सोनाली द्वारा उपस्थित सभी सेविकाओं पूनम देवी, सरस्वती देवी एवं सभी उपस्थित सेविकाओं को जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के जिला समन्वयक दीपक कुमार पासवान, मो. रिजवान, के द्वारा प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ दिलाई गई। सभी ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षिका सहित अन्य कर्मी एवं सेविकाएं उपस्थित थे।

सामान्य प्रश्न

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह मुक्त अररिया जिला बनाना महिलाओं एवं किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनाना था।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।