जाम के आगोश में सिमट कराह रहा फारबिसगंज शहर

Mar 01, 2026 12:14 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अररिया
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फारबिसगंज में भीषण जाम की समस्या है, खासकर रेलवे गुमटियों पर। शनिवार को रेलवे गुमटी संख्या 64 पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। त्योहारों के चलते बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। नागरिक प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

जाम के आगोश में सिमट कराह रहा फारबिसगंज शहर

फारबिसगंज, निज संवाददाता। स्थानीय शहर इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। खासकर रेलवे गुमटियों पर हालात बदतर बने हुए हैं, जहां रोजाना दो-दो घंटे तक जाम व वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। शनिवार को पीएचसी के समीप स्थित रेलवे गुमटी संख्या 64 पर लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान फारबिसगंजझ्रसहरसा ट्रेन को पास कराने के लिए लगातार सायरन बजता रहा, लेकिन सड़क पर फंसे वाहन रेंग भी नहीं सके। आरपीएफ के जवान मौके पर मौजूद थे, फिर भी यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। यही स्थिति सुभाष चौक, पटेल चौक और कॉलेज चौक स्थित रेलवे गुमटियों पर भी देखने को मिल रही है।

एक लेन से आवागमन होने के कारण थोड़ी सी भीड़ में पूरा रास्ता जाम हो जाता है और शहर ठहर जाता है। त्योहारों की भीड़ से बढ़ी परेशानी, ट्रैफिक पुलिस नदारद- एक ओर हिंदुओं का महापर्व होली नजदीक है तो दूसरी ओर रमजान को लेकर बाजारों में दिनभर खरीदारी की भीड़ उमड़ रही है। रोजगार और खरीदारी के लिए शहर में भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक पुलिस या स्थानीय पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखती। रेलवे फाटक बंद होते ही कुछ ही मिनटों में सड़कें जाम से भर जाती हैं। आम लोगों को अस्पताल, स्कूल और कार्यालय जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंसने की नौबत आ चुकी है। बैठकों में बनती हैं योजनाएं, धरातल पर नहीं दिखता असर- अनुमंडल प्रशासन द्वारा जाम से निपटने के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार मजबूत रणनीति बनाई जा रही है। सीडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल की जा रही है और जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी। वहीं मुख्य पार्षद बीना देवी ने स्वीकार किया कि जाम अब जटिल समस्या बन चुकी है। कई बैठकों के बावजूद योजनाएं कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ है और रेल परिचालन बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। इधर नागरिकों ने प्रशासन से स्थायी और प्रभावी समाधान की मांग की है, ताकि शहर को जाम के आगोश से मुक्त कराया जा सके।

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