हुजूर! स्कूल में भी पढ़ाएं और जनगणना का भी काम करें, आखिर कैसे?

Newswrap हिन्दुस्तान, अररिया
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अररिया में शिक्षा विभाग के नए आदेश से शिक्षकों में आक्रोश है। उन्हें जनगणना कार्य के साथ-साथ स्कूलों में तीन घंटे ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षक संघ ने इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। उनका कहना है कि दोनों कार्य एक साथ कैसे संभव हैं।

हुजूर! स्कूल में भी पढ़ाएं और जनगणना का भी काम करें, आखिर कैसे?

अररिया, वरीय संवाददाता शिक्षा विभाग के नये फरमान से जिले के शिक्षक समुदायों में मायूसी के साथ-साथ आक्रोश भी है। खासकर ऐसे शिक्षक जिन्हें जनगणना कार्य के साथ-साथ तीन घंटे स्कूलों में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। पर्यवेक्षक व प्रगणक के रूप में प्रतिनियुक्ति ऐसे शिक्षकों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या करें क्या न करें। न वे कोई शक्तिमान हैं और न उनके पास न कोई जादूई छड़ी ही है कि दोनो काम कुशलतापूर्वक निपटा दें। बता दें कि शनिवार को डीईओ ने आदेश जारी किया कि जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिका अब प्रतिदिन अपने विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज करते हुए सुबह 6.30 बजे से 9.30 बजे तक शिक्षण कार्य करेंगे, इसके बाद स्कूल से निकलकर जनगणना की डयूटी में लग जाएंगे। शिक्षा विभाग के इसी नये आदेश से जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक हैरान हैं परेशान हैं। शिक्षक संघ नेता तो इसे तुगलकी फरमान बता रहे हैं। आक्रोशित शिक्षकों ने कहा कि पश्चिम चंपारण जैसे कई जिलों में तो विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। अब अररिया की बारी है। अररिया के शिक्षक संघ भी आंदोलन की तैयारियों में जुट गये हैं। शिक्षकों का कहना है कि आखिर वे एक साथ विद्यालयी शिक्षण एवं जनगणना जैसे व्यापक कार्य दोनों का निर्वहन कैसे करेंगे। इससे न केवल उनपर अत्यधिक मानसिक एवं शारीरिक दबाव बढ़ेगा, बल्कि जनगणना जैसे राष्ट्रहितकारी कार्य की गुणवत्ता, शुद्धता एवं समयबद्धता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए इस तरह का आदेश निर्गत किया जाय कि प्रतिनियुक्त सभी शिक्षक जनगणना अवधि में केवल जनगणना कार्य का ही निर्वहन करेंगे। उन्हें इस अवधि में विद्यालयी शिक्षण कार्य से पूर्णत: मुक्त रखा जाए.

शिक्षक संघ की मांग

इधर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने डीएम से भारत की जनगणना 2027 के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों को शिक्षण कार्य से पूर्णत: मुक्त रखते हुए प्रशासनिक आदेश निर्गत की मांग की है। संघ के जिला अध्यक्ष मो जाफर रहमानी ने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य दो मई से शुरू है। अररिया जिले के विभिन्न विद्यालयों से कई शिक्षकों को इस कार्य के लिए पर्यवेक्षक एवं प्रगणक के रूप में प्रतिनियुक्ति की गयी है। साथ ही उन्हें तीन घंटे स्कूलों में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। इस तुगलकी फरमान को वापस लेने की जरूरत है। संघ की मांग है कि जनगणना में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को विद्यालयों में शिक्षण कार्य से पूर्ण रूप से मुक्त रखा जाए। ऐसे सभी शिक्षकों/कर्मियों को विधिवत ऑन सेन्शस डयूटी माना जाए तथा उनकी उपस्थिति मार्क आन डयूटी के रूप में दर्ज की जाए। विद्यालयों के सुचारु संचालन के लिए उपलब्ध अन्य शिक्षकों से शिक्षण कार्य संचालित कराया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो और राष्ट्रीय जनगणना कार्य भी निर्बाध रूप से संपन्न हो सके.

अधिकारियों का बयान

बोले अधिकारी:

विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, बच्चे का सिलेबस पीछे न रहे, इसलिए इस तरह का आदेश निकाला गया है। कई जगहों से ऐसी शिकायतें आई थी कि जनगणना कार्य में शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति के कारण स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसलिए दो घंटे तीन घंटे विद्यालयों में पढ़ाने का निर्देश दिया गया है.

राशिद नवाज, प्रभारी डीईओ सह डीपीओ

अधिकांश पूछे जाने वाले प्रश्न

शिक्षकों को कितने घंटे स्कूलों में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है?
उन्हें तीन घंटे स्कूलों में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है।

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