केवल आठ दिन करें रामाश्रम सत्संग की ध्यान साधना, दिखेगा परिणाम

हिन्दुस्तान, अररिया
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अररिया में आयोजित द्विदिवसीय आध्यात्मिक साधना शिविर में आचार्य देवेंद्र गौर ने साधकों को बताया कि आठ दिन की नियमित ध्यान साधना से जीवन में अविस्मरणीय बदलाव संभव है। उन्होंने साधना की सरलता और प्रभावशीलता पर जोर दिया। अन्य आचार्यों ने भी साधना के महत्व को बताया और इसे अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

केवल आठ दिन करें रामाश्रम सत्संग की ध्यान साधना, दिखेगा परिणाम

अररिया, एक संवाददाता अगर कोई साधक रामाश्रम सत्संग के बताए अनुसार ध्यान साधना की क्रिया को मात्र आठ दिन सुबह शाम नियम पूर्वक करते हैं, तो निश्चित रूप से साधना करने वाले साधक को अपने आप अविस्मरणीय सुखद बदलवा का अनुभव स्वत: हो जाता है। यह बातें शनिवार को स्थानीय ओम नगर स्थित प्राइम हॉल विवाह भवन के प्रांगण में रामाश्रम सत्संग मथुरा उपकेंद्र अररिया के तत्वावधान में आयोजित द्विदिवसीय आध्यात्मिक आंतरिक साधना शिविर के प्रथम सीटिंग के अवसर पर अलीगढ़ से पधारे आचार्य देवेंद्र गौर ने उपस्थित साधकों व श्रद्धालुओं से कही। उन्होंने कहा कि हमारे रामाश्रम सत्संग में बताई गई साधना की पूजा पद्धति, जिसे हमलोग आंतरिक साधना भी कह सकते हैं, लगातार 15 मिनट सुबह व शाम निश्चित समय पर निश्चित आसन के साथ करने पर सत्संग प्रेमियों को पता चल जाएगा कि मैं क्या कर रहा हूं, मेरे जीवन में कितना बदलाव आ रहा है, मेरे ऊपर भगवत कृपा हो रही है, ऐसा अनुभव निश्चित रूप से होता है।

आपको सिर्फ पूर्ण श्रद्धा भक्ति के साथ नियम पूर्वक सुबह शाम साधना करनी है। पटना से अमरेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि हमलोग जो पूजा करते आ रहे हैं, उसका फल बहुत क्षणिक व बहुत ही थोड़ी मात्रा में प्राप्त होता है, लेकिन हमारे गुरु महाराज समर्थ गुरु परमसंत ब्रह्मलीन डॉ चतुर्भुज सहाय जी ने जो रामाश्रम सत्संग का स्थापना किए हैं, इनके द्वारा जो पूजा साधना पद्धति बताई गई है जिसे दूसरे शब्दों में पूजा साधना पद्धति को उपासना का साधन भी कह सकते हैं। बहुत ही सरल व प्रभावकारी है इसका प्रभाव देखना हो तो मात्र आठ दिन नियम पूर्वक साधना करके देखे, निश्चित रूप से परमात्मा की कृपा आप पर होगी।बता दे कि उक्त सत्संग में पटना से ही आए आचार्य डॉ ज्योति प्रसाद व आचार्य ओम नारायण शर्मा ने कहा कि सत्संग की साधना को अपने जीवन में उतारने व अनुभव करने की आवश्यकता है। वहीं अलीगढ़ से पधारे आचार्य देवेंद्र गौर, पटना से अमरेन्द्र प्रसाद सिन्हा, डॉ ज्योति प्रसाद व ओम नारायण शर्मा, सहित अररिया के आचार्य विनोद प्रसाद ने भी अपने प्रवचनों के माध्यम से बताया कि समर्थ गुरु के द्वारा प्रदत्त रामाश्रम सत्संग बहुत ही सरल व्यावहारिक सत्संग है। आचार्यगण के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया। सत्संग को सफल बनाने में मुख्य रूप से उदन कमती, राजेन्द्र प्रसाद साह उर्फ राजू बाबू, प्रेमनाथ प्रसाद, ओम प्रकाश नारायण साह, मनोज प्रसाद कर्ण, पवन कुमार, विकास प्रकाश, विनीत प्रकाश, विवेक प्रकाश, शंकर श्रीवास्तव, शंभू साह, सूर्य नारायण उर्फ भोलू, कारे लाल मंडल सहित दर्जनों सत्संग प्रेमी उपस्थित रहे।

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