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‘क्षेत्रीय कार्यकर्ता स्वास्थ्य और पोषण की रीढ़

‘क्षेत्रीय कार्यकर्ता स्वास्थ्य और पोषण की रीढ़

देश के सबसे पिछड़े जिले की सूची में शामिल अररिया में शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में सुधार के लिए काम कर रहे जिला व प्रखंड स्तरीय कर्मचारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ।

समाहरणालय परिसर स्थित डीआरडीए सभा भवन में जिला स्वास्थ्य समिति व पिरामल फाउंडेशन की ओर से शुरू सपोर्टिव सुपरविजन टे्रनिंग का उद्घाटन डीएम बैद्यनाथ यादव ने दीप जलाकर किया। मौके पर डीएम ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर क्षेत्रिय कार्यकर्ता एएनएम, आशा व सेविकाओं को प्रशिक्षित करें, ताकि वे बेहतर तरीके से काम कर सके। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम की रीढ़ एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनके साथ अच्छा व्यवहार करें। सिर्फ उनकी खामियां नहीं निकालें, बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहित भी करें। ताकि वे और अधिक मन लगाकर काम कर सके।

डीएम ने कहा कि जबतक एएनएम, आशा व सेविकाओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार नहीं करेंगे तबतक स्वास्थ्य व पोषण का सूचकांक नहीं सुधरेगा। पिरामल फाउंडेशन दिल्ली से पहुंचे निसार अहमद व वर्षा चंदा ने बारी-बारी से स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में कैसे बेहतर काम किया जाय, इसकी विस्तार से जानकारी दी। बताया कि आईसीडीएस सुपरवाईजर, स्वास्थ्य के बीएचएम बीसीएम व सीडीपीओ को प्रशिक्षित कर कौशल क्षमता विकसित करना है ताकि वे अपने कार्यशैली में सुधार कर क्षेत्रिय कार्यकर्ताओं को सुपरवाईज कर सके। बताया कि लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाने से ही जिले में स्वास्थ्य की स्थिति सुधरेगी। मौके पर प्रभारी सीएस डा. एमपी गुप्ता, डीपीएम रेहान अशरफ, डीपीओ आईसीडीएस सीमा रहमान, पिरामल के नेशनल मैनेजर डा. दिनेश जयताप, ऑपरेशन मैनेजर रूपेश सिंह, स्टेट मैनेजर बिहार देवाशीष सिन्हा, राष्ट्रीय प्रशिक्षक हीना शेख, डीटीएम परिमल झा आदि थे।

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  • Web Title: Regional worker health and backbone of nutrition