DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बारिश से धान की फसल को पहुंचा फायदा, किसानों के चेहरे पर खुशी

बारिश से धान की फसल को पहुंचा फायदा, किसानों के चेहरे पर खुशी

शनिवार को दिनभर रूक-रूककर व देर रात हुए झमाझम बारिश ने सूख रहे धान की फसल को राहत दी है। फलस्वरूप किसानों के चेहरे पर एक बार मुस्कान लौटने लगी है। बारिश के अभाव में इस क्षेत्र में धान की फसल सूखने लगी थी।

किसानों को इस बात की चिंता सताने लगी थी कि जैसे-तैसे वे पम्प सेट के सहारे सिचाई कर धान रोपनी तो कर लिये, लेकिन पानी के अभाव में फसल बचाएं कैसे। अलवत्ता बारिश के आस में किसान परेशान थे। किसान इस बात को लेकर ज्यादा परेशान थे कि इस बार धान की फसल अगर अच्छी नहीं हुई तो रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी। लेकिन बीते दो दिन से हुई बारिश ने फसल को संजीवनी प्रदान की है।

हालाकि किसानों को अभी और बारिश की जरूरत है। इधर बारिश होते ही खाद दुकानों में रविवार को भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानों से यूरिया एवं अन्य उर्वरक खरीदकर लोग अपने खेतो में छिड़काव करते देखे गये। वहीं वैसे कृषक जो अभी तक धान की फसल नहीं रोपनी नहीं कर पाये थे वे भी कृषि कार्य मे जुट गये हैं।नहरों का बिछा जाल, सुविधा नदारद : इस क्षेत्र होकर गुजरने वाली जेबीसी मुख्य नहर में पानी छोड़ा भी गया तो विभिन्न गावों में जानेवाली शाखा नहरों तक पानी नहीं पहुच पाया है। क्योकि नहरों की स्थिति जर्जर है। इस कारण क्षेत्र के 50 प्रतिशत से अधिक कृषक पम्प सेट के सहारे रोपनी की थी। किसान संजय सिह, अमर चौहान, बंटी सिंह, दिलीप सिह, कृष्णनंदन मंडल, महेन्द्र्र मेहता, कुवर झा, गजेन्द्र्र यादव, मिथिलेश राय, नुनुलाल यादव, रविन्द्र यादव ने कहा कि इस प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गावों में जानेवाली बेलसरा वितरणी, खरसाही वितरणी, सोनापुर नहर, परसाहट नहर सहित अन्य शाखा नहरें सूखी है। इन नहरों में जेबीसी मुख्य नहर से एक बूंद भी पानी नहीं आता है। नहरों के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था हो जाय तो यहां के किसान को सुखाड़ की परेशानी से मुक्ति मिल सकती है।

नहरों को नही किया गया है दुरूस्त: भरगामा प्रखंड क्षेत्र का अधिकांश भू-भाग धान उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। लेकिन सिचाई व्यवस्था को लेकर इस क्षेत्र के किसानों को हमेशा से ही परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। आलम यह है कि हमेशा नहरों की सफाई पर लाखों रूपये सरकारी राशि खर्च होता है। बावजूद इसके लोगों को नहरों से सिचाई के लिए खेतों तक पानी नहीं पहंुच पाता है। साथ ही इस क्षेत्र में लगे स्टेट बोरिंग, सहित अन्य सरकारी नलकूपों का भी यही हाल है। यू ही किसानो को मंुह चिढ़ा रहा है। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि सिचाई के लिए सरकार द्वारा दिया जाने वाला डीजल अनुदान की राशि भी पिछले तीन वर्षों से इस प्रखंड में नही मिला है। इससे किसान निराश है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Reach the paddy crop from rain, joy on the faces of farmers