गांव-गांव तक फैल चुका नशे का कारोबार, निपटने की कठिन चुनौती: आईजी

Newswrap हिन्दुस्तान, अररिया
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फारबिसगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय का निरीक्षण पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद ने किया। उन्होंने अपराध नियंत्रण और अनुसंधान की समीक्षा की। नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पिछले छह महीनों में कई किलो स्मैक और गांजा जब्त किया गया। आईजी ने नशाखोरी के खिलाफ समाज से सहयोग की अपील की।

गांव-गांव तक फैल चुका नशे का कारोबार, निपटने की कठिन चुनौती: आईजी

फारबिसगंज, निज संवाददाता। फारबिसगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय का पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विवेकानंद ने निरीक्षण किया। इस दौरान एसपी जितेंद्र कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के क्रम में आईजी ने अपराध नियंत्रण, अनुसंधान नियंत्रण, कार्यालय अभिलेखों के संधारण सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं विधि व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की गहन समीक्षा की तथा अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा, सर्किल इंस्पेक्टर रानीगंज सतीश कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर फारबिसगंज धन प्रसाद, थाना अध्यक्ष फारबिसगंज मनोज कुमार, थाना अध्यक्ष भरगामा राजेश कुमार सिंह, थाना अध्यक्ष सिमराहा प्रेम भारती सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

निरीक्षण का उद्देश्य

निरीक्षण के बाद आईजी विवेकानंद ने मीडिया से कहा कि एसडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण पूर्व से प्रस्तावित था और इसी क्रम में कार्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की स्थिति, अनुसंधान नियंत्रण व्यवस्था तथा कार्यालय के अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की गई है। आईजी ने कहा, नशे का कारोबार आज के समय में हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसका प्रभाव अब गांवों तक फैल चुका है। इसी के तहत अररिया सहित अन्य जिलों में भी नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में पूर्णिया जिले में करीब आठ किलो स्मैक जब्त किया गया है, जबकि अररिया जिले में तीन हजार किलो से अधिक गांजा एवं स्मैक की बड़ी खेप बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि इस कारोबार से जुड़े लोगों पर पुलिस की पैनी नजर है और नशा तस्करी के संचालकों के साथ-साथ पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। आईजी विवेकानंद ने कहा नशा कारोबारियों की जब्त संपत्ति से संबंधित रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है। आने वाले समय में इसका प्रभाव आम लोगों को भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

समाज की भूमिका

उन्होंने कहा कि नशाखोरी एक जटिल सामाजिक समस्या बनती जा रही है और विशेष रूप से युवाओं के लिए यह जानलेवा साबित हो रही है। उन्होंने समाज से भी इस अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस के साथ-साथ समाज को भी आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

पुलिस की उपलब्धियां

आईजी ने अररिया पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार” के दौरान पुलिस को काफी उपलब्धियां मिली हैं और लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहा है। निरीक्षण के अंत में आईजी ने अधीनस्थ अधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण और अनुसंधान को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

प्रश्नोत्तरी

आईजी विवेकानंद ने निरीक्षण के दौरान किन विषयों की समीक्षा की?
आईजी ने अपराध नियंत्रण, अनुसंधान नियंत्रण, कार्यालय अभिलेखों के संधारण सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं विधि व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की गहन समीक्षा की।
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