
अररिया: एजीएम तलब, सैकड़ों डीलर पहुंचे फारबिसगंज अनुमंडल कार्यालय
फारबिसगंज में पीडीएस प्रणाली में गड़बड़ियों की खबर के बाद एसडीओ ने सख्त कार्रवाई की। सौ से अधिक पीडीएस डीलरों ने एजीएम पर मनमानी, घटिया चावल और अवैध वसूली के आरोप लगाए। एसडीओ ने मौके पर एजीएम को तलब किया और समस्याओं का समाधान किया। दो दिनों में उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन होगा।
फारबिसगंज, निज संवाददाता मंगलवार को ‘हिन्दुस्तान’ अंक में पीडीएस प्रणाली में गड़बड़ियों से सबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद पीडीएस में अनियमितता पर फारबिसगंज एसडीओ ने सख्त रूख अपनाते हुए एजीएम स्पष्टीकरण पूछा है। मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय में इस खबर का असर देखने को मिला। वहीं खबर पढ़ते ही करीब सौ से अधिक पीडीएस डीलर अनुमंडल कार्यालय पहुंच गए और एजीएम पर मनमानी, दुर्व्यवहार, कम वजन, घटिया चावल की आपूर्ति तथा अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। स्थिति की गंभीरता को देखते ही एसडीओ रंजीत कुमार रंजन ने मौके पर ही एजीएम को तलब किया और डीलरों के सामने सभी बिंदुओं का आमने-सामने सत्यापन कराया।
लंबे समय तक चली इस प्रक्रिया में डीलरों ने खुलकर अपनी बात रखी। इस मौके पर डीलरों ने बताया कि उन्हें कम वजन में चावल दिया जाता है। निजी धर्मकांटा पर जबरन वजन कराया जाता है। रोस्टर की अवहेलना की जाती है। लगातार घटिया क्वालिटी का चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। अनलोडिंग और अन्य मदों में अवैध राशि की वसूली होती है। डीलरों ने यह भी कहा कि नियम के अनुसार एजीएम को अनाज सीधे डीलर के गोदाम व दुकान पर पहुंचाना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं किया जाता। शिकायतकर्ता उद्यानंद मेहता, रामनाथ चौधरी, मोहम्मद नायर, मोहम्मद अनवारुल , ज्ञानचंद साह, मुकेश यादव, दिनेश राम, शिवानंद पासवान, विनोद चौधरी, अजय प्रसाद साह, विद्यानंद साह, दिवाकर पासवान, राजेंद्र किस्कू, मोहम्मद हारून, संतोष झा, इंद्रदेव चौधरी, रूपेश कुमार यादव सहित भारी संख्या में डीलर मौजूद थे। इन सभी ने फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के बैनर तले पहले भी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। एजीएम पवन कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें सीएमआर (कस्टमाइज मिल राइस) का ही चावल आपूर्ति करना होता है। अनलोडिंग चार्ज या निजी धर्मकांटा से उनका कोई लेना-देना नहीं है। डीलरों के साथ उनका संबंध हमेशा अच्छा रहा है।उनका स्थानांतरण हो चुका है, उनकी मंशा गलत नहीं बताई जाए। गुणवत्ता और रोस्टर पर जीरो टॉलरेंस- सत्यापन के बाद एसडीओ रंजीत कुमार रंजन ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान कराया और एजीएम को स्पष्ट निर्देश दिया कि रोस्टर के अनुसार ही चावल आपूर्ति हो। अनाज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना एजीएम की जिम्मेदारी होगी। कम वजन, रोस्टर उल्लंघन, घटिया चावल या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी संबंध में एजीएम को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा रहा है। एसडीओ ने कहा ,उपभोक्ता और गुणवत्ता हमारी पहली प्राथमिकता है। किसी भी तरह की मनमानी या लाभुकों की हकमारी मंजूर नहीं की जाएगी। दो दिनों में होगी उच्च स्तरीय बैठक- एसडीओ ने घोषणा की कि दो दिनों के भीतर चावल की गुणवत्ता, आपूर्ति में अनियमितता,और डीलरों की तमाम शिकायतों को लेकर एक आधिकारिक बैठक आयोजित होगी। इसमें एसडीओ, एजीएम, सीएमआर प्रतिनिधि और क्वालिटी कंट्रोलर उपस्थित रहेंगे ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।

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