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14 सितम्बर, 2020|2:11|IST

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बदलते मौसम में बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज

बदलते मौसम में बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज

पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान में हो रही उतार-चढ़ाव के चलते लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मौसम में बदलाव के कारण सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ गयी है। अकेले सदर अस्पताल के ओपीडी में 20 से 25 फीसदी मौसमी बीमारियों के पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मौजूदा समय में ओपीडी में 700 से 800 मरीज पहुंच रहे हैं जिसमें 150 से 200 मरीज मौसमी बीमारियों की शिकायत लेकर आते हैं। मजे की बात तो यह कि कोरोना संक्रमण के बीच लगातार बदलते मौसम में थोड़ी सी तबीयत खराब होने पर भी लोग चिंता में पड़ जाते हैं। साधारण सर्दी, खांसी व बुखार होने पर भी लोगों को कोरोना का डर सताने लगता है। हालांकि ऐसे लोगों में लक्षण दिखने पर चिकित्सकों द्वारा तुरंत कोरोना जांच के लिए भेजा जाता है ताकि लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाया जा सके। वहीं दूसरी ओर गैर सरकारी अस्पतालों में भी ऐसे रोगियों की तादात अच्छी खासी दिखती है। सामान्य दिनों की तुलना काफी संख्या में मरीजों की संख्या बढ़ी है। मौसम का सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों पर दिख रहा है।

चिकित्सकों की मानें तो, मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर सेहत पर काफी दिख रहा है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों में इम्युनिटी कम हो जाती है। इस वजह से लोग वायरल फीवर से बीमार हो रहे है। इन दिनों सबसे अधिक सिर दर्द, सर्दी, खांसी व बुखार की समस्या सामने आ रही है। लोगों में कोरोना के लक्षण दिखने पर उन्हें कोरोना जांच सेंटर भेजा जाता है।

सदर अस्पताल में एक चौथाई भी डॉक्टर नहीं: जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच डॉक्टरों की किल्लत ने परेशानी बढ़ा दी है। कोरोना कहर के बीच मौसमी बीमारियों से निबटना चिकित्सकों के लिए मुश्किल हो गया है। खासकर सदर अस्पताल की हालत तो बद् से बद्तर है। 38 डॉक्टर के जगह महज नौ डॉक्टर बेहद परेशानियों को झेल ड्यूटी दे रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो सदर अस्पताल में एक चौथाई भी डॉक्टर नहीं है। नतीजतन अस्पताल अधीक्षक तक प्रशासनिक कामकाज के साथ चिकित्सीय कार्य करने पड़ते हैं।

मौसम में लगातार बदलाव से अस्पताल में सर्दी, खांसी व बुखार के मरीज बढ़े हैं। फिलहाल प्रतिदिन ओपीडी में 700 से 800 मरीज पहुंचते हैं। इसमें 150 से 200 मौसमी बीमारियों के मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में डॉक्टर की कमी से दिक्कतें होती है। मौसमी बीमारियों के पीड़ित मरीजों के लिए दवा की कमी नहीं है। - विकास आनंद, अस्पताल प्रबंधक, सदर अस्पताल

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  • Web Title:Patients reaching hospital after getting sick in the changing season