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अररिया

स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर व पल्स ऑक्सीमीटर की सौगात

हिन्दुस्तान टीम,अररियाPublished By: Newswrap
Sun, 30 May 2021 04:01 AM
स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर व पल्स ऑक्सीमीटर की सौगात

अररिया। संवाददाता

कोरोना संक्रमित मरीजों के ऑक्सीजन लेवल की नियमित जांच व ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग जूझ रहा था, उसमें अब कुछ राहत मिलने की आस जग गयी है। क्योंकि इन्हीं सब दिक्कतों को देखते हुए नीति आयोग से संबद्ध व स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के क्षेत्र में सहयोग के लिये अधिकृत संस्था पिरामल स्वास्थ्य ने जिला स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर व प्लस ऑक्सीमीट उपलब्ध कराया है। मिली जानकारी के मुताबिक संस्था ने 10 ऑक्सिजन कॉसेंट्रेटर व 160 पल्स ऑक्सीमीटर का सौगात जिला को दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान पिरामल स्वास्थ्य के डीटीएम डॉ अफरोज ने सिविल सर्जन को दोनों उपकरण सौंपे। मौके पर सिविल सर्जन डॉ एमपी गुप्ता, डीआईओ डॉ मो मोईज, डीपीएम रेहान अशरफ आदि भी मौजूद थे। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जरूरतमंद मरीजों को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग के लिये बड़ी चुनौती साबित रहा है। विभाग के पास पूर्व से 62 ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर उपलब्ध थे। जो विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों व जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के लिये संचालित अस्पतालों में क्रियाशील हैं। अब विभाग के पास ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर की संख्या बढ़कर 72 हो गयी है। इससे मरीजों को समय पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में मदद मिलेगी। साथ ही इसे विभिन्न कोरोना अस्पतालों व सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध कराया जायेगा। ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराया जा सके।

वहीं डीआईओ डॉ मोईज ने कहा कि किसी मरीज का ऑक्सीजन लेवल 94 से कम होने पर उन्हें बाहर से ऑक्सीजन सपोर्ट देने की जरूरत होती है। ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने से ऑक्सीजन सिलिंडर पर भार कम होगा। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में भी यह मददगार साबित होगा। जबकि डीपीएम रेहान अशरफ ने कहा कि कोरोना से जारी लड़ाई में पिरामल द्वारा उपलब्ध कराया गया पल्स ऑक्सीमीटर बेहद उपयोगी साबित होगा। विभाग अपने माध्यम से भी इसकी कमी को दूर करने के प्रयासों में जुटा था। फिलहाल जिले में कोरोना संक्रमण के एक हजार मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जिनके नियमित स्वास्थ्य निगरानी के लिये सरकार ने हिट कोविड एप लॉन किया है। इसके बाद से ऑक्सीमीटर की उपयोगिता काफी बढ़ गयी है। इससे मरीजों की रियल टाइम मॉनीटरिंग आसान होगी। उपलब्ध कराया गया ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर प्रति मिनट पांच लीटर ऑक्सीजन जेनरेट करने में सक्षम है। इससे ऑक्सीजन की खपत कम करने में मदद मिलेगी। कोरोना काल खत्म होने के बाद भी इसकी उपयोगिता बनी रहेगी। सभी प्रसव गृह में इसकी उपलब्धता मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने में मददगार है।

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