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19 अक्तूबर, 2020|3:40|IST

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नवरात्र शरीरिक, मानसिक वअध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक

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प्रखंड मरातीपुर, हत्ता चौक, कपरफोड़ा, बटराहा, रजोला, कआड़ी आदि मंदिरों में रविवार को मां दुर्गा के दूसरे स्वरुप ब्रह्मचारणी की पूजा अर्चना विधि विधान के साथ हुआ। वहीं श्रद्धालुओं ने भी अपने-अपने घरों में भी पूजा अर्चना की। इस दौरान लोगों ने पूजन, अखंड दीप, साधना, दुर्गा सप्तशती व नवार्ण मंत्र का जाप किया। पंडित प्रेम नाथ मिश्र ने बताया कि भारतीय संस्कृति में देवी को उर्जा का स्त्रोत माना गया है। अपने अंदर की उर्जा को जाग़ृत करना ही देवी उपासना का मुख्य प्रायोजन है। नवरात्रि शरीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। नौ दिनों तक देवी की सच्चे मन से उपासना करने पर सभी मनोकामनाऐं पूरी होती है। उन्होंने कहा कि 58 वर्ष बाद शनि स्वराशि मकर और गुरु स्वराशि धनु में है। इस बार घटस्थापना पर विशेष संयोग बन रहा है। ये महासंयोग देवी दुर्गा के भक्तों की झोलियां भरने वाला साबित हो सकता है।

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  • Web Title:Navratri body a symbol of mental and spiritual power