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23 नवंबर, 2020|3:16|IST

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कोविड:19 की भेंट चढ़े जोगबनी-बिराटनगर इंडो-नेपाल रेल परियोजना

कोविड:19 की भेंट चढ़े जोगबनी-बिराटनगर इंडो-नेपाल रेल परियोजना

जहां बिहार सरकार की कई योजना कोविड: 19 की भेंट चढ़ गई है वही केन्द्र सरकार की योजना भी इससे अछुता नहीं है। जोगबनी-बिराटनगर यानि इंडो-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय रेल परियोजना भी कोविड: 19 की भेंट चढ़ गयी है। बताया जाता है कि सीमा पार नेपाल में क्वारंटाइन की डर से विगत मार्च 2020 से ही परियोजना को कोई वर्कर व मजदूर सीमा पार करने की हिम्मत नही जुटा पाए हैं। करीब 18.60 किलो मीटर वाली इस परियोजना में 0 से 08 किलोमीटर यानि बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड तक बन कर तैयार है। यहां रेलवे पटरी भी बिछ चुकी है। ट्रायल भी हो चुका है। नेपाल में आठ से 16.8 किलो मीटर तक बांध निर्माण, पुल पुलिया बन कर तैयार है। यह कार्य विगत दो वर्ष पूर्व से ही प्रेाग्रेस मे था। लेकिन 22 मार्च के बाद कोरोना को लेकर निर्माण कार्य बाधित है। बताया जाता है कि लॉक डाउन के दौरान परियोजना का कार्य करने कुछ भारतीय मजूदर नेपाल गए थे, मगर सभी को नेपाल प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन कर दिया गया। इसके बाद से आज तक मजदूरों ने सीमा नहीं लांघी और काम जस का तस पड़ा हुआ है। इस संबंध में निर्माण कंपनी इरकॉन के अपर महाप्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि 0 से 8 किलो मीटर तक का काम 2018 मे ही पूरा हो चुका है। ट्रायल भी हो चुका है। फंड भी उपलब्ध है मगर कोरोना के चलने परियोजना बाधित है। अपर महाप्रबंधक ने बताया कि यह कार्य जुलाई 2020 तक पूरा करना था मगर अब इस परियोजना को 2021 तक पूरा करने के प्रयास किये जा रहे हंै। वहीं निर्माण कार्य में भूमिका निभा रहे मेसर्स इसानी कंस्ट्रक्शन के एमडी राकेश कुमार ने बताया कि कोविड:19 को लेकर उन लोगो को भारी आर्थिक क्षति हुई है जिसकी भारपाई कर पाना मुश्किल है। राकेश ने कहा कि फिर नए जोश और नए तरीके से काम को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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  • Web Title:Kovid 19 Jogbani-Biratnagar Indo-Nepal Rail Project