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अल्लाह के आदेशों से आमलोगों को आगाह करते रहो

अल्लाह के आदेशों से आमलोगों को आगाह करते रहो

शहर के दरभंगिया टोला स्थित छोटी जामा मस्जिद के हाफिज दो छोटे—छोटे चचरे भाई मो.माजिद और मो.नफीस ने कहा कि 20वीं तराबीह में 25वां पारा शनिवार को पढ़ा गया। इस पारे में सूरह दुखान और सूरह जासिया आईं हैं। पारे की शुरुआत कयामत (पूरी सृष्टि के खत्म हो जाने का दिन)के बयान से होती है।

लोग हज़रत मोहम्मद का मज़ाक उड़ाने के लिए पूछते थे कि आप जिस कयामत (महाप्रलय) की बातें करते हैं, वह कब आएगी? या कहते थे कि हम तुम्हारी बात नहीं मानने वाले। और तुम जिस कयामत की निशानियां बताते हो, अपने खुदा से कहो कि वह अब ले ही आए। इसका जवाब यह दिया गया कि तुम मानो या ना मानो। यामत(महाप्रलय) आएगी जरूर। अलबत्ता उसका निश्चित समय अल्लाह को ही मालूम है। याद रखो कि तुम सब उसके सामने हाजि़र किए जाओगे। तुम्हारे सारे कर्म एक खुली किताब की तरह तुम्हारे सामने होंगे। उस दिन तुम्हारी सारी हरकतों का फैसला कर दिया जाएगा।

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  • Web Title:Keep reminding me of the people of Allah s commands