सशक्त स्थाई समिति चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज,पार्षदों की गोलबंदी शुरू

Apr 06, 2026 12:17 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अररिया
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फारबिसगंज, निज संवाददाता। सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों के चुनाव को लेकर फारबिसगंज नगर

सशक्त स्थाई समिति चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज,पार्षदों की गोलबंदी शुरू

फारबिसगंज, निज संवाददाता। सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों के चुनाव को लेकर फारबिसगंज नगर परिषद की राजनीति अचानक गरमा गई है। चुनाव की घोषणा होते ही पार्षदों के बीच गोलबंदी शुरू हो गई है और संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता तेज हो गई है। 25 वार्डों वाले नगर परिषद में वर्तमान में 24 पार्षद हैं, जिनमें से आधा दर्जन से अधिक पार्षदों के चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा जोरों पर है। पूर्व सशक्त स्थायी सदस्य मनोज सिंह, गणेश गुप्ता एवं मोहम्मद इस्लाम अभी से अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। वहीं वार्ड पार्षद उमाशंकर उर्फ बुलबुल यादव, चांदनी सिंह, गुड्डू अली, इरशाद सिद्दीकी, पिंकी राय एवं उषा देवी के नाम भी प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं।

इन सभी संभावित उम्मीदवारों को लेकर न केवल गोलबंदी तेज हो गई है, बल्कि गुप्त स्थानों पर बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो वार्ड पार्षद बुलबुल यादव की पत्नी नूतन भारती नगर परिषद में उपमुख्य पार्षद हैं, जिससे उनकी पकड़ मजबूत मानी जा रही है। चांदनी सिंह भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष हैं, जबकि गुड्डू अली जदयू के बड़े नेता माने जाते हैं। इरशाद सिद्दीकी छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं। वहीं पिंकी राय लगातार तीन बार से पार्षद चुनी जाती रही हैं और उनकी पहचान उनके पति रंजीत राय से भी जुड़ी है। उषा देवी के पति व प्रतिनिधि अशोक फूलसारिया की सामाजिक छवि भी काफी मजबूत मानी जाती है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं, जबकि कुछ नाम धीरे-धीरे चर्चा से बाहर भी हो सकते हैं। खास बात यह है कि कई प्रबल दावेदार मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद के ईद-गिर्द समर्थन जुटाने में लग गए हैं। बिहार सरकार के नगर आवास विभाग द्वारा 15 से 20 अप्रैल के बीच राज्य के 19 नगर निगम सहित 264 नगर निकायों में सशक्त स्थाई समिति के चुनाव कराने की घोषणा की गई है। इस चुनाव में केवल निर्वाचित पार्षद ही मतदान कर सकेंगे। जिला पदाधिकारी द्वारा निर्धारित तिथि पर पर्यवेक्षक की निगरानी में चुनाव संपन्न होगा। विशेष बात यह है कि नामांकन, मतदान, मतगणना, प्रमाण पत्र वितरण और शपथ ग्रहण—सभी प्रक्रियाएं एक ही दिन में पूरी की जाएंगी। शपथ ग्रहण के साथ ही पूर्व में मनोनीत सदस्य स्वत: विखंडित माने जाएंगे।नगर परिषद में वर्तमान में एक पद रिक्त है। वार्ड संख्या 24 की पार्षद रीता देवी के निधन के कारण यह सीट खाली है। नियमानुसार, नियुक्त पर्यवेक्षकों को मतदान तिथि से एक सप्ताह पूर्व पार्षदों को सूचना देना अनिवार्य होगा।इस बीच मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद के मतदान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिस पर सवाल बने हुए हैं।क्या कहते हैं अधिकारी-इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रणधीर लाल ने बताया कि चुनाव पूरी तरह जिला पदाधिकारी के निर्देश एवं निगरानी में होगा। पर्यवेक्षक की नियुक्ति भी जिला पदाधिकारी द्वारा ही की जाएगी। नगर परिषद प्रशासन की इसमें प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होगी, लेकिन जिला पदाधिकारी के सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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