इंडो-नेपाल बॉर्डर के दोनो ओर के बाजार लोगों से रहा गुलजार, बढ़ रही भीड़
नेपाल के हिंसक आंदोलन के सातवें दिन जोगबनी बोर्डर खोला गया। अब नागरिकता और आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य है। दोनों देशों के लोगों की आवाजाही शुरू हुई है। एसएसबी ने सुरक्षा बढ़ाई और भीड़ को नियंत्रित करने...

सातवें दिन खुला इंडो-नेपाल का जोगबनी बोर्डर, आवाजाही शुरू नेपाल से भारतीय क्षेत्र आने वाले को नागरिकता व नेपाल जाने वालों को आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य जोगबनी, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि नेपाल के हिंसक आंदोलन के सातवें दिन सोमवार की शाम इंडो-नेपाला का जोगबनी बोर्डर का बैरियर खोल दिया गया है। पिछले एक सप्ताह से वह बंद था। साइड होकर दोनो देश के लोगों की आवाजाही हो रही थी। अब धीरे-धीरे जोगबनी बोर्डर होकर बाइक, चार पहिया वाहन की आवाजाही शुरू होगी। इधर नेपाल में अंतरिक प्रधानमंत्री के रूप में सुशीला कार्की की नियुक्ति के बाद विराटनगर सहित आसपास के लोगों की जिन्दगी पटरी पर लौटने लगी है।
स्थिति धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती जा रही है। सोमवार को जोगबनी सहित सीमापार रानी व विराटनगर बाजार लोगों से गुलजार रहा। खरीददारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। आगामी दशहरा पर्व को लेकर भीड़ बढ़ने की बात कही जा रही है। इंडो-नेपाल जोगबनी सीमा पर भीड़ बढ़ने के बाद एसएसबी के अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। एसएसबी का भी कहना था कि स्थिति सामान्य होने पर नेपाल भारत के बीच आवाजाही करने वाले लोगों में इजाफा हुई है। हालांकि नेपाल से भारतीय क्षेत्र आने वाले को नागरिकता और नेपाल जाने वालों को आधार कार्ड देखा जा रहा है। इसके बाद ही सुरक्षाकर्मी आवाजाही करने दे रहे हैं। सीमा पार नेपाल में भी एपीएफ तैनात हैं। नेपाल में हिंसक प्रदर्शन के दौरान नेपाल के विभिन्न जेलों से फरार कैदियों पर इनका पैनी नजर है। एसएसबी के द्वितीय सेनानायक संजीव कुमार ने बताया कि इंडो नेपाल के बीच आवाजाही करने वालों का वैध कागजात दिखाने के बाद भी आने-जाने दिया जा रहा है। सीमा पर एसएसबी को पूरी तरह चौकस व सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




