मानदेय बढ़ाने, चार लेबर कोड को रद्द करने, मनरेगा वापस लेने का किया मांग
अररिया में सैंकड़ों रसोइयों ने मानदेय बढ़ाने, रसोईया को सरकारी कर्मी का दर्जा देने और मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मनरेगा को बहाल करने की भी मांग की। रसोइयों का कहना है कि वे अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं।

अररिया, निज संवाददाता मानदेय बढ़ाने, रसोईया को सरकारी कर्मी का दर्जा देने, मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, मनरेगा को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को बिहार राज्य विद्यालय रसोईया यूनियन से जुड़ी सैंकड़ों रसोईया ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। लाल नीले झंडे ले कर सैकड़ों रसोइया मध्यान भोजन कार्यालय से चांदनी चौक होते हुए निकली रैली में शामिल हुई।बैनर और झंडा लिए जिले के कोने-कोने से अररिया पहुंची रसोइया ने देशव्यापी आम हड़ताल में भाग लिया और स्कूलों में खाना बनाने से इंकार किया।रसोइया असिया देवी का कहना था पिछले साल चुनाव में वोट लेने के लिए सरकार ने मानदेय 50 रुपये दिन से 100 रुपये दिन कर दिया,लेकिन इस रकम से रसोइया का घर चलेगा क्या ? उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल से रसोइया लगातार सड़को पर अपनी मांगों लेकर उतरी हैं।लेकिन
सरकार उसकी उचित मांगो की अनदेखी करती रही है।यूनियन के नेता और वार्ड संख्या छह के वार्ड पार्षद रणजीत पासवान ने कहा कि सोइया साधारण परिवार से आती हैं, उनके घर उनके मानदेय से नहीं चल पाता है। इसलिए वह मजदूरी करते हैं, उनके घरवाले दिल्ली पंजाब में खटते हैं, ऐसे में मनरेगा परिवार का एक सहारा था और उसे भी सरकार ने ख़तम कर दिया। इसलिए उनकी एक मांग है की मनरेगा को तुरंत बहाल किया जाय।कार्यक्रम में उपस्थित बिहार राज्य विद्यालय रसोईया यूनियन (एटक) की राज्य महासचिव कामायनी ने कहा कि रसोइया सहित सभी मज़दूरों किसानों पर चौतरफा मार है और इसलिए आज की यह देशव्यापी हड़ताल महत्वपूर्ण है।सरकार को तत्काल चार लेबर कोड वापस लेने चाहिये और मनरेगा को बहाल करना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर रसोइया को सही वेतन और काम की व्यवस्था मिलेगी तो स्कूल ठीक से चलेंगे।स्कूल आर्थिक और नैतिक भ्रष्टाचार की चरम पर पहुंच गया है।स्कूलों में बच्चे नहीं हैं,पढाई नहीं है,कागजों में सब कुछ भर कर देने का शिक्षकों पर दबाव है। ऐसे भ्रष्टाचार का जवाब अगर समाज नहीं मांगेगा तो देश के हालत और ख़राब होंगे।जिला सचिव नारद पासवान ने कहा कि तत्काल प्रभाव से ठेकेदारों और एनजीओ के माध्यम से बच्चों को खाना दिलाना बंद किया जाय और सभी बच्चों को गरम पका हुआ खाना दिया जाय।डीपीएम (मध्यान भोजन) ने रसोइया की मांग को आगे बढाने का आश्वासन दिया।रसोईया यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिलकर मांगों से उन्हें अवगत कराते हुए मुख्य मंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।कार्यक्रम में जिला कमिटी के सक्रीय सदस्य नारद पासवान,सुनील, पवन,बेचन प्रसाद सिंह, लक्ष्मी,रघुनन्दन,अशिया देवी,रुपेश मंडल, अजाबुल हक़,किरण देवी, राजकपूर मंडल, लालचंद पासवान, दिलीप पासवान, रिजवाना खातून,मुन्नी देवी की सक्रिय भागीदारी रही।
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