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हादसे की जानकारी मिलती तो शायद दोनो युवकों की बच जाती जान

भरगामा, एक संवाददाता पुलिस से बोले गए एक झूठ ने दो युवकों की जान ले

हादसे की जानकारी मिलती तो शायद दोनो युवकों की बच जाती जान
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,अररियाFri, 11 Nov 2022 11:22 PM
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भरगामा, एक संवाददाता

पुलिस से बोले गए एक झूठ ने दो युवकों की जान ले ली। गर घायल दिलखुश घटना की सही जानकारी घटनास्थल पर ही भरगामा पुलिस या ग्रामीणों को देता तो शायद ये अनहोनी न होती। ये सवाल शुक्रवार को आमलोगों के बीच दिनभर तैरता रहा। बताते चलें कि दिलखुश अपने साथ दो अन्य युवकों को लेकर हरिनहा से गोलहा के लिये बाइक से चला था। खजूरी ईंट भट्ठा के समीप बाइक दुर्घनाग्रस्त हो गई। और सीधे सड़क पानी भरे गड्ढे में गिर गई। दिलखुश को भी चोट आई। वह किसी तरह बाहर निकला। जबकि अन्य दोनो युवक घायल होकर पानी में ही पड़े रहे। बताया जाता है कि घटना के तुरंत बाद ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे व भरगामा पुलिस को मामले की जानकारी दी। भरगामा पुलिस ने बाइक को जब्त कर उसे अपने साथ थाना ले आई। इस बीच उसने न तो पुलिस से और न ही ग्रामीणों से अपने साथ के युवकों के घायल होने पानी में डूबने की बात कही। यही नही भरगामा थाना से दिलखुश को गोलहा स्थित उसके मौसेरा ससुर के घर भेज दिया गया। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने जब उस गड्ढे पानी के उपर दो युवकों का शव देखा तो हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पर पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में गोलहा से दिलखुश को भरगामा थाना लाया गया। भरगामा के थानेदार आदित्य कुमार ने बताया कि गुरुवार की देर संध्या बाइक के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भरगामा पुलिस तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच दिलखुश को थाना लाई। लेकिन उसने पुलिस को घटना की सही जानकारी नहीं दी। उसने कहा कि अगर दिलखुश घटना की सही जानकारी पुलिस को देते तो शायद दोनों की जाने बच सकती थी। वही कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष अरविंद झा ने कहा कि दिलखुश के सच नही बताने के कारण दो जिंदगी चली गई।

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