DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › अररिया › अतिक्रमण की चपेट में सेनानियों का कटफर आश्रम
अररिया

अतिक्रमण की चपेट में सेनानियों का कटफर आश्रम

हिन्दुस्तान टीम,अररियाPublished By: Newswrap
Tue, 26 Jan 2021 03:25 AM
अतिक्रमण की चपेट में सेनानियों का कटफर आश्रम

कुर्साकांटा। निज प्रतिनिधि

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री डॉ राजेन्द्र प्रसाद का सीमावर्ती कुआड़ी से गहरा लगाव था। वे यहां कई बार कुआड़ी आ चुके हैं। 1929 में उन्होंने राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना किये थे। बाद में गरवा सारण निवासी व स्थानीय रामलखन राम ने 41 बीघा 16 कट्ठा तीन धूर जमीन दान कर अपने दिवंगत बेटे मोती लाल के नाम पर मोती लाल राष्ट्रीय पाठशाला रखा। यह पाठशाला 2010 तक चलता रहा। बताया गया कि टीन के बने पाठशाला के एक एक खंभे व घरान पर राष्ट्रीय विद्यालय का नाम खुदा था। लेकिन अब यहां एपीएचसी का निर्माण हो गया है। बाद में स्वतंत्रता सेनानियों के नायकों में से एक बाबू बंसत सिंह ने कुआड़ी बाजार से दो किलो मीटर दक्षिण पश्चिम कटफर गांव में महात्मा गांधी के नाम पर एक आश्रम की स्थापना की थी। यह स्वतंत्रता सेनानियों का ठिकाना हुआ करता था। कहा जाता है कि स्वतंत्रता से पर्व यहां सखुआ के खंभा में तिरंगा फहरता रहता था। कटफर आश्रम में डॉ राजेन्द्र प्रसाद के अलावे डॉ श्रीकृष्ण सिंह, अम्बिका शरण सिंह, जग लाल चौधरी, आचार्य बद्री नाथ वर्मा जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का पदार्पण हुआ था। लेकिन आज स्वतंत्रता सेनानियों का यह आश्रम अतिक्रमण के चपेट में है। स्थानीय कुछ लोगों द्वारा उस जमीन पर न केवल घर बना लिया है बल्कि उस जमीन में लगा बांस व पेड़ को भी काट कर बेच रहा है।

संबंधित खबरें