
सरकारी समर्थन मूल्य पर धान खरीद नहीं होनेे से किसान परेशान
सिकटी प्रखंड में सरकारी खरीद केन्द्रों पर धान की खरीद नहीं हो रही है, जिससे किसान औने-पौने दामों पर धान बेचने को मजबूर हैं। बाजार में धान का मूल्य 1700-1800 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकार ने 2369 रुपये तय किया है। बुआई का समय नजदीक है, लेकिन किसान परेशान हैं।
सिकटी।एक संवाददाता सिकटी प्रखंड के कई सरकारी खरीद केन्द्रों में सरकारी समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शुरु नही हुई है। फलस्वरूप गेंहू व मक्का सहित रबी फसल की बुआई के लिए किसानों को औने पौने दामों मे धान बेचना पड़ रहा है। इस समय खुली बाजार में धान 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल धान बिक रहा है जबकि सरकार द्वारा धान खरीद का रेट 2369 रुपये निर्धारित किया गया है। पैक्स व व्यापार मंडल में अद्यतन धान खरीद शुरु नही हुई है जहां नमी के नाम पर किसानों का शोषण होता है तथा रुपये के भुगतान मे भी समय लगता है।
किसानो के सिर पर बुआई का मौसम सवार है ऐसे मे किसान करें तो क्या करें? सरकारी धान खरीद के मामले में सिकटी बीसीओ अभिराम सिंह ने बताया कि प्रखंड के तीन पैक्सों व एक व्यापार मंडल में धान खरीद का निर्देश दिया गया है जहां कुचहा,खोरागाछ व बरदाहा पैक्स व सिकटी व्यापार मंडल शामिल है, जिसमें बरदाहा पैक्स में प्रबंधकीय समस्या को लेकर खरीद बाधित जिसे शीघ्र सुलझा कर खरीद शुरु की जाएगी। पैक्सों का बैंक कैश क्रेडिट प्रक्रिया में है जिसे राशि उपलब्ध करा कर धान अधिप्राप्ति शुरु कराया जा रहा है, जहां सरकार द्वारा धान का प्रति क्विंटल 2369 रुपये दर निर्धारित है। वहीं सिकटी प्रखंड में धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित नही है जहां पैक्स गोदाम में ताला लटक रहा है और धान बेचने के लिए किसान परेशान हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




