केसीसी लोन लेने में जिले के किसानों के छूट रहे हैं पसीने
अररिया, निज प्रतिनिधि अररिया जिले में किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के

अररिया, निज प्रतिनिधि अररिया जिले में किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने में किसानों के पसीने छूट रहे हैं। किसान प्रमोद यादव, अमरदीप कुमार, सुशील यादव आदि का कहना है कि बैंकों की ओर से लोन देने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। कागजी प्रक्रिया इतनी जटिल है कि किसान परेशान हो जाते हैं, जिस कारण क्षेत्र के किसानों को केसीसी का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए बैंक को लचीला रूख अपनाना होगा। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने और इसपर लोन देने में बैंक के नियमों व दस्तावेजों की मांग के कारण किसानों को परेशानी हो रही है।
जमाबंदी, खतियान, एलपीसी आदि परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम न होने के कारण वे इस सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। ज्यादातर किसानों के परिवार में खतियान, जमाबंदी आदि पूर्वजों के नाम से ही हैं जिसपर वे खेती कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अधिक लोन के लिए बैंक द्वारा किसानों के खेती योग्य जमीन के कागजात भी बंधक के रूप में रखने की बात कही जाती है जो किसान नहीं देना चाहते और लाभ से वंचित हो जाते हैं। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी गौरव प्रताप सिंह ने बताया कि केसीसी मूलत: बैंकर्स के द्वारा दिया जाता है इसमें कृषि विभाग का कोई योगदान नहीं होता है, बावजूद उनके द्वारा बैठक में बैंकर्स को किसानों को किसानों को समय पर लाभ देने व केसीसी कार्ड बनाने का आग्रह किया जाता है लेकिन बैंक अपने नियम के अनुसार किसानों से कई प्रकार के शर्त रखते हैं जिस कारण किसान बड़ी संख्या में इस लाभ से वंचित हो जाते हैं। इधर जानकारों की माने तो बैंक जबतक कागजातों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती तबतक केसीसी लोन स्वीकृत नहीं करती है। ऐसे में लोन लेने वाले व्यक्ति के नाम से जमीन का रसीद, खतियान, जमाबंदी और एलपीसी होना चाहिए तभी उन्हें लोन दिया जा सकता है।

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