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रबी फसल गेहूं व मक्क्का की तैयारी में लगे जिले के किसान

अररिया, निज प्रतिनिधि जिले में धान की कटनी के साथ किसान रबी फसल की बुआई

रबी फसल गेहूं व मक्क्का की तैयारी में लगे जिले के किसान
हिन्दुस्तान टीम,अररियाFri, 08 Dec 2023 12:45 AM
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अररिया, निज प्रतिनिधि
जिले में धान की कटनी के साथ किसान रबी फसल की बुआई में जुट गये हैं। जिले में जैसे-जैसे धान की कटनी के बाद खेत तैयार होता जा रहा है, किसान गेंहू और मक्का समेत दूसरे रबी फसलों की बुआई कर रहे हैं। जिले में विगत वर्षों की तुलना इस बार भी सबसे अधिक नगदी सोना के रूप में मक्का की खेती होगी। ज्यादातर किसान इन दिनों मक्का की बुआई पर फोकस कर रहे हैं। वहीं दूसरी सबसे अधिक बुआई की जाने वाली गेंहू की बुआई भी जोरों पर है। हालांकि निचले इलाके के कई क्षेत्रों में अबतक धान की कटाई नहीं होने की वजह से मक्का और गेंहू की बुआई में थोड़ी विलंब जरूर रहो रही है, मगर जैसे-जैसे खेत खाली होता जा रहा है किसान वैसे-वैसे फसलों की बुआई करते जा रहे हैं। बताते चलें कि जिले में इस बार कृषि विभाग ने 88 हजार 471 हेक्टेयर में मक्का की बुआई का लक्ष्य रखा है, जिसमें अबतक 3530.35 हेक्टेयर में मक्का की बुआई हो चुकी है। इसी तरह जिले में दूसरे सबसे अधिक उपजाये जाने वाले गेंहू का लक्ष्य 31 हजार 933 हेक्टेयर रखा गया है जिसमें 518.70 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है। पिछले साल भी इस समय में रबी की बुआई का कमोवेश यही स्थिति थी। कृषि विभाग भी किसानों को रबी की बुआई के लिये किसानों को जागरूक कर रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खासकर गेंहू की बुआई का यह पिक ऑवर चल रहा है। किसान जल्द से जल्द अपने फसलों की बुआई कर लें। जिले में एक तरफ जहां किसान मन मुताबिक बीज के लिये दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कृषि विभाग के वरीय अधिकारी कृषि कर्मियों से अधिक से अधिक किसानों तक अनुदानित दर पर बीज मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

बीज के दुकानों का चक्कर लगा रहे किसान:

शत प्रतिशत किसानों को अनुदानित दर पर बीज नहीं मिलने के कारण एक तरफ जहां किसानों में मायूसी दिख रही है। हालांकि इसके पीछे कहीं न कहीं किसानों की भी कमी बतायी जा रहा है। जानकारों का कहना है कि कुछ किसानों कुछ निजी कंपनी के बीज पर ही अच्छी ऊपज का भरोसा जताकर फसलों की बुआई करते हैं, जिसका सीधा फायदा दुकान दार उक्त बीज का अधिक दाम लेकर उठाते हैं। जबकि कृषि विभाग की ओर से भी अनुदानित दर पर कई अच्छे प्रभेद के बीज मुहैया कराये जाते हैं, बावजूद किसान इसकी बुआई करने से हिचकते रहते हैं। दुकानों पर उन्हें निजी कंपनी का बीज तो मिल रहा है लेकिन अनुदान का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को खेती महंगी साबित हो रही है।

नकली बीज किसानों को दे जाते हैं दगा:

जिले के किसानों की मानें तो, जानकारी के अभाव में किसानों को कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। अधिकांश किसानों को यह पता नहीं चल पाता है कि बीज के लिये कब से कबतक आवेदन का समय रहता है। वहीं, कई बार किसानों को कंपनी का अच्छा बीज बताकर नकली बीज दे दिया जाता है, जिससे किसानों की खेती चौपट हो जाती है। किसान प्रमोद यादव ने बताया कि पिछले साल उन्होंने एक निजी दुकान से बीज खरीदा था। कंपनी का बीज बताकर पहले दुकानदार ने उन्हें बीज मुहैया कराया, इसके लिये कंपनी बीज के दर दाम भी लिया गया। लेकिन बुआई के बाद मक्का का बीज दगा दे गया। अधिकांश मक्का के बीज से पौधे नहीं निकले। इस कारण उन्हें खेती की लागत राशि भी निकालना मुश्किल हो गया।

नकली खाद-बीज कारोबारी सक्रिय:

रबी की बुआई शुरू होते ही जिले में एक बार फिर नकली खाद-बीज के कारोबारी सक्रिय हो चुके हैं। पिछले साल बीज और उर्वरक में मोटी रकम वसूलने वाले कारोबारी इस बार भी उसी मंशा के साथ कारोबार में जुट गये हैं। हालांकि इस बार कृषि विभाग के अधिकारी भी ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिये पूरी तरह तैयार हैं। पिछले साल आर्थिक नुकसान झेल रहे किसान इस बार फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। पिछले साल उर्वरक की किल्लत होने के बाद किसानों ने औने-पौने दामों पर नकली खाद डाल कर खेतों में तो डाल दिया लेकिन वह खाद मक्का कटनी के समय भी वैसे खेतों में पड़ा नजर आ रहा था। उर्वरक डालने के बाद भी फसल के पौधे में जो ग्रोथ दिखना चाहिये था, वह नहीं दिखा।

लाईसेंस धारी दुकान से ही खरीदें खाद व बीज: डीएओ

जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि रबी बुआई करते समय किसानों को इस बात का हमेशा ख्याल रखना चाहिये कि लाईसेंस धारी दुकानदार से ही खाद व बीज की खरीद करें। हालांकि ऐसे मिलवट खोर लोगों पर विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। ऐसे लोगों पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। किसी भी सूरत में न तो उर्वरक की कालाबाजारी होने दिया जाएगा और ना ही नकली उर्वरक बिकने दिया जाएगा। जिला स्तर से पंचायत स्तर तक कृषि अधिकारी व कर्मचारियों को इसको लेकर विशेष हिदायत दी गयी है। न ही नकली बीज बिकने दिया जाएगा, इसको लेकर सैंपल लेकर जांच करायी जा रही है। डीएओ ने बताया कि नकली उर्वरक व बीज बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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